कोरोना ने कानपुर के कई बच्चों से उनके माता-पिता को छीन लिया है। इनके पालन-पोषण के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने अलग-अलग योजनाएं शुरू की हैं। इसके तहत अनाथ हुए बच्चों को प्रतिमाह भरण पोषण के लिए धनराशि के साथ अन्य सहूलियतें भी दी जाएंगी।
कोरोना काल में अपने माता-पिता को गंवाने वाले बच्चों के भरण-पोषण और पढ़ाई-लिखाई में सहयोग के लिए सरकार ने योजना की घोषणा की है। जिला प्रशासन ने ऐसे कुछ बच्चों की तलाश कर उनका सत्यापन भी शुरू कर दिया है।
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इसके बाद भी बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे हैं, जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया पर वे प्रशासन की पहुंच से दूर हैं। ऐसे ही बच्चों की मदद के लिए अमर उजाला ने ‘अनाथ को हमारा हाथ’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत हम ऐसे बच्चों की तलाश कर उनके बारे में प्रशासन को जानकारी देंगे, जिससे उन्हें मदद मिल सके।
हमें दें ऐसे बच्चों की जानकारी
कोरोना ने कानपुर के कई बच्चों से उनके माता-पिता को छीन लिया है। इनके पालन-पोषण के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने अलग-अलग योजनाएं शुरू की हैं। इसके तहत अनाथ हुए बच्चों को प्रतिमाह भरण पोषण के लिए धनराशि के साथ अन्य सहूलियतें भी दी जाएंगी। हालांकि, जिला प्रशासन अब तक ऐसे कुछ ही बच्चों की तलाश कर पाया है। ऐसे बच्चों की तलाश में अमर उजाला ने जिला प्रशासन की मदद की पहल की है। सामाजिक संस्थाएं भी इस पुनीत अभियान का हिस्सा बन सकती हैं। आपको ऐसे बच्चों के बारे में कोई जानकारी हो तो कृपया मोबाइल नंबर 7617566163 पर व्हाट्सएप करें या knp-cityreporter@knp.amarujala.com पर ईमेल करें।