कानपुर में सर्वोदय नगर स्थित क्षेत्रीय पीएफ कार्यालय से सेवानिवृत्त आरएस राम के परिवार पर कोरोना का ऐसा कहर टूटा कि देखते-देखते पूरा परिवार बिखर गया। महज 22 दिन में पति-पत्नी और बेटे की मौत हो गई। परिवार में बहू और चार साल का पौत्र बचा है।
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परिवार में अब कमाने वाला कोई नहीं है। वहीं, पेंशनर एसोसिएशन ने सभाकर संवेदना जताई। ईपीएफ पेंशन एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के महामंत्री राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि आरएस राम 2012 में सहायक आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी उम्र 68 साल थी।
बेटा विकास शिक्षण संस्थान में कैंटीन चलाता था। मूलरूप से आजमगढ़ के रहने वाले थे। काकादेव मसवानपुर स्थित रोड के पास उनका निजी आवास है। 21 अप्रैल को तीनों की तबीयत बिगड़ी थी। 22 अप्रैल को पत्नी, 25 अप्रैल को बेटे की कोरोना से मौत हो गई। इनका भी इलाज चल रहा था। 13 मई को इनका भी निधन हो गया। उन्होंने बताया कि सहायक आयुक्त ऑल इंडिया ईपीएफ एससी/एसटी स्टाफ फेडरेशन के राष्ट्रीय सलाहकर थे।