उर्सला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला
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ऐसे वक्त में जब कोविड और नॉन कोविड दोनों तरह के गंभीर रोगियों को सांसों की जरूरत पड़ रही है। उर्सला आईसीयू के चारों वेंटिलेटर बंद हो गए हैं। ऑक्सीजन की कमी की वजह से पर्याप्त प्रेशर न मिलने से ये चल नहीं पा रहे हैं। इससे गंभीर रोगियों को लौटना पड़ रहा है और अस्पताल की व्यवस्था लड़खड़ा रही है। छह वेंटिलेटर पहले से ही खराब पड़े हैं।
उर्सला को कोविड स्टेटस का दर्जा इसलिए नहीं दिया गया था कि नॉन कोविड रोगियों को दिक्कत न हो, लेकिन रोगी इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि सारी व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कोविड अस्पताल न होते हुए यहां कोविड रोगी भर्ती हैं, उन्हें शिफ्ट नहीं किया जा पा रहा है।
इससे नॉन कोविड रोगियों के बेड कम हो गए और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही अस्पताल में ऑक्सीजन की मांग बहुत बढ़ गई है। अस्पताल के आईसीयू में लगे वेंटिलेटर को पर्याप्त ऑक्सीजन प्रेशर नहीं मिल पा रहा है, जिससे ये काम नहीं कर रहे।
इस वजह से नॉन कोविड रोगियों जिन्हें वेंटिलेटर की जरूरत है, कहीं और शिफ्ट होना पड़ रहा है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल निगम का कहना है कि ऑक्सीजन का पर्याप्त प्रेशर न होने से वेंटिलेटर बंद करने पड़े। इसके अलावा इस वक्त 240 ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत है और 200 ही मिल पा रहे हैं।