कानपुर में संक्रमितों की मौतों की संख्या कम दिखाने के लिए स्वास्थ्य विभाग आंकड़ेबाजी का खेल खेल रहा है। कोरोना के नए स्ट्रेन से सबसे अधिक मौतें हो रही हैं। आरटीपीसीआर में कोरोना के इस नए स्ट्रेन की रिपोर्ट निगेटिव आती है, सिर्फ सीटी में रोग की पुष्टि होती है।
इन्हें प्रिजम्पटिव रोगी नाम दिया गया है। इन रोगियों की मौत का कोई लेखा-जोखा नहीं है। ये रोगी कोविड अस्पतालों में मरते हैं, लेकिन इनका आंकड़ा पोर्टल पर चढ़ाया नहीं जाता। इससे पता ही नहीं चल रहा है कि कितने प्रिजम्पटिव रोगी मरे हैं।
हैलट के कोविड अस्पतालों में भी अभी तक प्रिजम्पटिव रोगियों की गिनती नहीं की गई है। इसके साथ ही निजी अस्पतालों ने भी कोई आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग को नहीं दिया है। सिर्फ उन रोगियों के ही आंकड़ों को शामिल किया गया, जिनकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है।
वह आंकड़ा भी पोर्टल पर देर से चढ़ाकर घपला किया जा रहा है। माइक्रो बायोलॉजी विभाग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि नए स्ट्रेन की सेंसिटिविटी कम है। इससे रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है। इस तरह के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है।