कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की कोविड-19 लैब में सैंपल की संख्या बढ़ने के कारण जांचें बाधित हो रही हैं। इस कारण रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, झांसी की लैब का सहारा लिया जाएगा। झांसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब को शासन ने कोरोना की जांच के लिए अधिकृत कर दिया है।
पेंडेंसी के कारण अभी तक सीएचसी सरसौल के मेडिकल स्टाफ और यहां भर्ती कोरोना संक्रमित लोगों की जांच नहीं हो पाई है। संक्रमित लोगों के दवा खाते 14 दिन से अधिक का वक्त बीत चुका है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 200 से अधिक सैंपल जांच के लिए पड़े हुए हैं। रोज 70 से 80 रिपोर्ट जारी की जा रही हैं।
यहां एक दिन में अधिकतम 100 सैंपलों की ही जांच हो सकती है। विभाग को अभी तीसरी नई मशीन नहीं मिल सकी है। पुरानी दो मशीनों से ही काम चल रहा है। सीएचसी सरसौल में 21 कोरोना संक्रमित भर्ती हैं। इनमें औरैया के छह लोगों के दवा खाते 18 दिन हो रहे हैं। इनमें कोरोना का कोई लक्षण भी नहीं है।
अगर समय से रिपोर्ट आ जाती तो इन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाता। इससे दूसरे संक्रमित व्यक्ति भी भर्ती हो सकते थे। सीएचसी प्रभारी डॉ सीएल वर्मा का कहना है कि संक्रमित व्यक्तियों और मेडिकल स्टाफ की रिपोर्ट नहीं आ पाई है। पेंडेंसी अधिक होने के कारण झांसी सैंपल भेजकर जांच कराने की बात कही जा रही है।