अगले महीने विश्वकर्मा पूजा के बाद गंगा पुल और चार लेन के जरीब चौकी रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण शुरू होगा। सेतु निगम ने दोनों पुलों के निर्माण के लिए कंपनियों का चयन कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन से मुहर लगते ही दोनों ठेकेदारों को कार्यादेश जारी कर दिया जाएगा। सब कुछ तय समय पर हुआ तो ढाई साल बाद इन पुलों पर वाहन फर्राटा भरेंगे।
कानपुर नगर को शुक्लागंज, उन्नाव से जोड़ने वाले अंग्रेजों के जमाने के गंगा पुल के टूटने की वजह से दोनों जिलों में आवागमन प्रभावित हो रहा है। इसी के पास बने नवीन गंगा पुल से ही रोज औसतन एक लाख से ज्यादा लोगों के आवागमन की वजह से आए दिन जाम लगता है। इसके मद्देनजर सेतु निगम ने ध्वस्त हुए पुल से अप स्ट्रीम (गंगा बैराज) की तरफ 50 मीटर दूर नया पुल बनवाने के लिए शासन से स्वीकृति के बाद गत माह टेंडर जारी किए थे। एक किलोमीटर लंबे इस पुल की अनुमानित लागत 325 करोड़ रुपये है। इस पुल को बनाने के लिए विभिन्न प्रदेशों की आठ कंपनियों ने टेंडर डाले, इनमें से गुड़गांव की कंपनी गावर कंस्ट्रक्शन का चयन हुआ है। पुल की निर्माण अवधि ढाई साल है।
इसी तरह जीटी रोड को कालपी रोड से जोड़ने वाले जरीबचौकी रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) की अनुमानित लागत 320 करोड़ रुपये है। 1700 मीटर लंबे चार लेन के इस पुल की खासियत है कि इस के रैंप चारों तरफ उतरेंगे अर्थात जीटी रोड पर दोनों तरफ चार-चार लेन, कालपी रोड पर चार लेन और घंटाघर की तरफ दो-लेन का पुल बनेगा। इस तरह का यह शहर का पहला पुल होगा। शासन ने चार महीने पहले इस पुल के निर्माण के लिए स्वीकृति देने के साथ ही करीब 107 करोड़ की पहली किस्त भी जारी की थी। इस पुल की भी निर्माण अवधि ढाई साल है। इसके बाद टेंडर में सात कंपनियां आईं। सेतु निगम ने तकनीकी और फाइनेंशियल बिड खोलने के बाद इनमें से ऋषिकेश की कंपनी हिलवेज कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का चयन किया। यही कंपनी रिंग रोड के पैकेज-3 के तहत रमईपुर से आटा (उन्नाव) तक छह लेन की सड़क, डिवाइडर के साथ ही गंगा पर छह लेन का पुल भी बना रही है।
गंगा पुल और जरीबचौकी आरओबी निर्माण के लिए कंपनियां चयनित हो गई हैं। शासन को रिपोर्ट भेज दी है। वहां से सहमति मिलते ही ठेकेदार कंपनियों को कार्यादेश जारी कर दिया जाएगा। अगले महीने विश्वकर्मा पूजन के बाद निर्माण शुरू कराने की योजना बनाई गई है। - विजय कुमार सेन, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम