असद ईराकी, आलोक श्रीवास्तव और संदीप अवस्थी
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अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के युद्ध विराम की घोषणा ने शहर के निर्यातकों, उद्यमियों को बड़ी राहत दी है। समुद्र और अलग-अलग देशों के बंदरगाहों पर फंसे 400 करोड़ के निर्यात ऑर्डर अब खरीदारों के पास एक सप्ताह के भीतर पहुंच सकेंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से गैस की आपूर्ति में सुधार होगा। कच्चा माल का संकट कम होगा। इससे उत्पादन बढ़ने और आगे नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी।
28 फरवरी से चल रहे युद्ध के चलते शहर से होने वाले आयात-निर्यात पर जबरदस्त असर पड़ा था। कानपुर नगर से गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के देशों में शामिल सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कुवैत, कतर और बहरीन के अलावा इस्राइल, ईरान को बड़े पैमाने पर केमिकल, सैडलरी, चमड़ा के बने उत्पाद, कपड़ा और खाद्य वस्तुएं निर्यात की जाती थीं पर यह ठप हो गया था।