उन्नाव में गांगा में होता अवैध खनन
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कानपुर में बिल्हौर के सुनौड़ा में अवैध खनन की जांच में पुष्टि हो गई है। खनन करने वाली फर्म पर दो करोड़ 39 लाख 6360 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। फर्म को नोटिस प्राप्त करने की तिथि से 15 दिन के अंदर यह धनराशि जमा करनी है। इस दौरान फर्म का खनन कार्य प्रतिबंधित रहेगा।
एडीएम वित्त राजस्व ने इस संबंध में महाबलीपुरम के रहने वाले मेसर्स वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नागेंद्र सिंह के नाम नोटिस जारी की है। इस फर्म को सुनौड़ा में खनन के लिए पांच साल का पट्टा दिया गया था। 11 जनवरी को निदेशक ने यहां का निरीक्षण किया तो पता चला कि खनन पट्टे की बाउंड्री का सही चिह्नांकन नहीं किया गया है।
इससे खनन की सही स्थिति का पता नहीं चल रहा था। जांच के लिए टीम गठित की गई, टीम ने जियो कोऑर्डिनेट्स के अनुसार जांच कर सीमा रेखा को चिह्नांकित किया। एसडीएम बिल्हौर ने भी यहां निरीक्षण किया था।
उनकी आख्या में रकबा 5.4219 हेक्टयेर क्षेत्रफल में होना पाया गया था। निदेशक के निर्देश पर गठित जांच टीम ने भी इसकी पुष्टि की। जांच में पाया गया कि 54219 घन मीटर साधारण बालू का अवैध खनन करके परिवहन किया गया। उसी आधार पर जुर्माना राशि जोड़कर नोटिस दी गई है।