जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए नरसंहार के विरोध में कानपुर उद्योग व्यापार मंडल ने कानपुर बंद का आह्वान किया था। जिसका शहर पर खासा असर दिखा। दोपहर दो बजे तक शहर के सभी प्रमुख थोक और फुटकर बाजार बंद रहे। दोपहर में जब बाजार खुला तो ग्राहक बाजार में नहीं था। करीब 180-200 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। चार करोड़ के सीमेंट का कारोबार नहीं हुआ। सीपीसी माल गोदाम में लोडिंग-अनलोडिंग ठप रही। वहीं व्यापार संगठनों ने तीखा विरोध जताया। जगह-जगह प्रदर्शन किए गए। आतंकियों को खोजकर सरेआम फांसी की सजा देने की मांग सरकार से की गई। आतंकियों और पाकिस्तान का पुतला फूंका गया।
शहर में नयागंज, कलक्टरगंज, बिरहाना रोड, चौक, जनरलगंज, नौघड़ा, हूलागंज, भूसाटोली, हटिया, शक्करपट्टी आदि में किराना, कपड़ा, खाद्य तेल, सोना-चांदी, हीरा, लोहा, बर्तन, शक्कर, खाद्य मसाला, सुपाड़ी आदि का थोक कारोबार होता है। इन सभी ट्रेड़ों को मिलाकर सात सौ से एक हजार करोड़ का कारोबार प्रतिदिन का होता है। इसके अलावा शहर के गुमटी नंबर पांच, 80 फीट रोड, नवीन मार्केट, पीरोड, सीसामऊ, काकादेव, गोविंदनगर, विद्यार्थी मार्केट, किदवईनगर, नेहरूनगर, शिवाला, लालबंगला, कल्याणपुर में फुटकर बाजार है। जहां पर रेडीमेड कपड़े, जूता-चप्पल समेत घर का हर सामान मिलता है।