दीपोत्सव की शुरुआत के पहले ही दिन शहर की हवा की हालत खराब हो गई। शहर में वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य की तुलना में शनिवार को बढ़कर चार गुना तक पहुंच गया। शहर भर में लगे वायु गुणवत्ता मापक यंत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सामान्य 50 के सापेक्ष हानिकारक की श्रेणी 200 से अधिक दर्ज हुआ। दिवाली पर वायु गुणवत्ता और खराब होने की आशंका है। अमानक तरीके से खोदाई के कारण उड़ने वाली धूल को इसका जिम्मेदार मानते हुए प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय ने मेट्रो ठेकेदारों को नोटिस जारी किया है।
सबसे ज्यादा एक्यूआई बाहरी हिस्सों आईआईटी, राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के बाद शहर के बीचोबीच नेहरू नगर में लगे पीसीबी के मापक केंद्र पर दर्ज हुआ। आईआईटी और शर्करा केंद्र पर सुबह नौ बजे के करीब यहां अधिकतम एक्यूआई 232 और 226 दर्ज किया गया। इसी तरह नेहरू नगर में दोपहर एक बजे एक्यूआई 217 और रात साढ़े नौ बजे 208 था।
पीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक मेट्रो निर्माण साइटों के निरीक्षण में कई स्थानों पर बिना कवर डाले काम चल रहा था। इससे उड़ने वाली धूल ने प्रदूषण को बढ़ा दिया। ऐसे ठेकेदारों को नोटिस जारी कर जुर्माने की चेतावनी दी गई है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता (पर्यावरण) दिवाकर भास्कर ने कहा कि जिन मोहल्लों में ज्यादा प्रदूषण होता है उनमें एंटी स्मॉग गन से छिड़काव कराया जा रहा है।