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जहरीला ‘मौत का मलबा’: महाराजपुर में फिर लौटा क्रोमियम का आतंक, खेतों में फेंका जा रहा फैक्ट्रियों का कचरा

Sun, 19 Jul 2026 03:07 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

  फतेहपुर की फैक्ट्रियों द्वारा उत्पादित क्रोमियम युक्त जहरीला कचरा चोरी-छिपे कानपुर के महराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव में डाला जा रहा है। इससे ग्रामीणों और मवेशियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से इस कचरे को तत्काल हटवाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में पिछले वर्ष फतेहपुर के औंग थाना क्षेत्र में एनजीटी  के आदेश पर क्रोमियम युक्त फैक्ट्रियों को बंद कराया गया था। ग्रामीणों के बड़े आंदोलन के बाद ही यह कार्रवाई संभव हुई थी। तब क्षेत्र का पानी हरा-पीला हो गया था और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां फैलने की शिकायतें सामने आई थीं। अब वही जहर फिर से लौट आया है।

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आरोप है कि फतेहपुर बॉर्डर पार एक कद्दावर नेता की चल रही फैक्टरी से निकलने वाले क्रोमियम युक्त कचरे को चोरी-छिपे महराजपुर के पुरवामीर गांव में डाला जा रहा है। गांव वालों के मुताबिक, बीती रात डंपरों के जरिए केमिकल को गांव के बाहर खेतों में और मकान बनाकर रह रहे लोगों के घरों के बगल में जानवरों के पानी पीने की जगह के पास डाल दिया गया है।

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बहुत अधिक मात्रा में जहरीला केमिकल डाला गया

गांव के बकरीदी ने बताया कि किसान राजेश पाल और जयनारायण गुप्ता के खाली पड़े स्थान पर बहुत अधिक मात्रा में जहरीला केमिकल डाला गया है। इससे आसपास रहना मुश्किल हो गया है। किसान दिनभर अपने जानवरों को बचाने के लिए निगरानी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर मवेशियों ने यह पानी पी लिया तो उनका इलाज भी संभव नहीं होगा।

महाराजपुर में क्रोमियम का कचरा - फोटो : amar ujala
भूजल और मिट्टी दूषित हो गई थी
आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि डाले गए कचरे को तत्काल हटवाया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि एनजीटभ् द्वारा फतेहपुर की फैक्ट्रियां बंद कराने के बाद भी इस तरह रात के अंधेरे में कचरा फेंककर लोगों की सेहत और जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। इससे पहले बिंदकी क्षेत्र में भी क्रोमियम सल्फेट बनाने वाली फैक्ट्रियों से निकले कचरे के कारण भूजल और मिट्टी दूषित हो गई थी।
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जांच कर कार्रवाई की जाएगी
खेती चौपट हुई थी और लोगों में त्वचा रोग, सांस की बीमारी और कैंसर के मामले बढ़ गए थे। तब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रशासन ने कई फैक्ट्रियों को सील किया था। अब पुरवामीर के ग्रामीण भी चाहते हैं कि शासन तुरंत हस्तक्षेप कर इस जहरीले कचरे को हटवाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए। वहीं मामले में कार्यवाहक एसडीएम/तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति ने बताया कि इस संबंध में उन्हें जानकारी मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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