आगजनी के मुकदमे में सजा काट रहे पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी व उनके भाई रिजवान समेत सात आरोपियों पर एमपीएमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विजय कुमार गुप्ता ने आरोप तय कर दिए हैं। मुकदमे में 30 सितंबर को अभियोजन अपना पहला गवाह पेश करेगा। अनवरगंज थाने में कोरोना काल के दौरान महामारी अधिनियम के तहत दर्ज एक अन्य मुकदमे में भी इरफान की एमपीएमएलए लोअर कोर्ट में पेशी हुई जहां अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। महाराजगंज जेल में बंद इरफान को कड़ी सुरक्षा में लगभग एक साल बाद कोर्ट लाया गया था।
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जाजमऊ डिफेंस कालोनी में रहने वाली नजीर फातिमा के घर पर आगजनी के मामले में जाजमऊ थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इरफान व उसके साथियों के खिलाफ जाजमऊ थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोप है कि इरफान का संगठित गिरोह है। यह गिरोह अंतरजनपदीय स्तर पर सक्रिय है। गिरोह अपराध करके आर्थिक व भौतिक लाभ कमाता है और गिरोह के सदस्य अवैध धन से ऐशो आराम की जिंदगी गुजारते हैं। मारपीट, आगजनी, धोखाधड़ी करके जमीन कब्जाना, रंगदारी वसूलना आदि इनके गिरोह के काम हैं। मुकदमे में इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी, मो.शरीफ, शौकत अली, इसराइल आटे वाला, मुर्सलीन खां उर्फ भोलू और अज्जन उर्फ एजाज के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी। इसमें से इरफान, रिजवान और इसराइल जेल में बंद हैं जबकि बाकी चारों को जमानत मिल चुकी है।
गैंगस्टर के मुकदमे में सभी को एमपीएमएलए सेशन कोर्ट में पेश किया गया जहां कोर्ट ने सभी पर आरोप तय कर दिए। 30 सितंबर से मुकदमे में गवाही शुरू हो जाएगी। इसके बाद इरफान को एमपीएमएलए लोअर कोर्ट ले जाया गया जहां महामारी अधिनियम के तहत अनवरगंज थाने में दर्ज एक मुकदमे में इरफान की पेशी हुई। यह मुकदमा कोरोना काल के दौरान 14 जनवरी 2022 की रात इरफान के रिजवी रोड स्थित कार्यालय में एक स्वागत समारोह से संबंधित था जिसमें भीड़ इकट्ठा थी पर लोग मास्क नहीं लगाए थे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद उपनिरीक्षक मो.हसन जैदी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में आरोप तय होने थे लेकिन इरफान के अधिवक्ता की ओर से आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र दिए जाने के लिए समय की मांग की गई जिस पर कोर्ट ने 30 सितंबर की तारीख तय कर दी। इसमें सऊद उर्फ कालिया, मुर्सलीन खां उर्फ भोलू के खिलाफ की चार्जशीट दाखिल हुई है।
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पति-पत्नी साथ लड़ेंगे विस चुनाव
कानपुर वालों की दुआ हैं जिन्होंने पत्नी को विधायक बनाया। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव हम साथ-साथ लड़ेंगे। यह बातें पेशी पर जाते हुए इरफान ने कहीं। जेल वैन से उतरते समय हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया और बोले, बहुत दिन हो गए, मेरे लिए दुआ करो। हम वापस आ जाएं। मुझे अल्लाह पर पूरा भरोसा है। कोर्ट पर पूरा भरोसा है, इंसाफ मिलेगा। देर हो सकती है लेकिन अंधेर नहीं होगी। पेशी पर जाते वक्त इरफान ने बेटे का हाथ पकड़कर उसे पुलिस के सुरक्षा घेरे के अंदर लेने की कोशिश की तो दरोगा ने इरफान का हाथ पकड़ लिया जिस पर इरफान झल्लाकर बोले, मेरा बेटा है, क्या मिल नहीं सकता।
पहले विधायक फिर सांसद का चुनाव लड़ेंगे इरफान
हम और इरफान वर्ष 2027 में पहले विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे और फिर इरफान लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। मैं उनके लिए ही विधायक बनी हूं, मेरे लिए वो आज भी विधायक हैं। जो होना था, वो हो गया। अब इंसाफ मिलेगा। यह बातें कोर्ट में इरफान की पेशी के दौरान उनसे मिलने पहुंचीं उनकी पत्नी और सीसामऊ से विधायक नसीम सोलंकी ने कहीं। उनके साथ इरफान की मां खुर्शीदा बानो, इरफान के बच्चे और कई रिश्तेदार भी कचहरी पहुंचे थे।
चेहरे और बातों में दिखा आत्मविश्वास
जेल में बंद इरफान सोलंकी को आगजनी मामले समेत पुराने सभी मुकदमों में जमानत मिल चुकी है सिर्फ गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में जमानत मिलनी बाकी है। हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई भी पूरी हो चुकी है। जल्द ही फैसला आ सकता है। अगर इरफान को जमानत मिल गई तो उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो जाएगा। जल्द जेल से रिहाई होने की आस इरफान और उसके परिवार की आंखों में साफ दिखाई दी। नसीम के विधायक बनने के बाद पहली बार कानपुर आए इरफान के चेहरे और बातों में आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।