डीएम के निर्देश का भी जिम्मेदारों ने पालन नहीं किया
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश का भी जिम्मेदारों ने पालन करना नहीं समझा। जिला विकास अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि गोशालाओं में पानी और छाव के पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश सभी को दिए गए थे। इसकी लगातार मॉनीटरिंग भी हो रही है। फिर भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे, तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई होगी।
परास गोशाला: भूख और गर्मी की दोहरी मार
घाटमपुर ब्लॉक की परास गोशाला में 165 गोवंश संरक्षित हैं। हरा चारा तो नसीब नहीं है, सिर्फ सूखा भूसा दिया जा रहा है। नाद में भरा पानी के कारण खुले में उबल रहा था। यही गर्म पानी पीकर गोवंश अपनी प्यास बुझा रहे हैं। दो बीमार गोवंश टीन शेड के नीचे गर्मी में बेहाल पड़े अंतिम सांसे गिन रहे थे। हालांकि यहां पर टीनशेड के नीचे गर्म हवा से बचने के लिए पर्दे लगाए गए हैं।
बरनाव गोशाला: ताला बंद, सिस्टम गायब
पतारा ब्लॉक की बरनाव गोशाला में दोपहर में गेट पर ताला लटका मिला। अंदर झांककर देखा तो गोवंश गंदगी और गोबर के बीच बैठे थे। पानी का हौज धूप में तप रहा था और बीमार पशु धूप में बैठे हाफ रहे थे। वहीं पर्याप्त टीन शेड की व्यवस्था न होने के कारण कई गोवंश छाया की तालाश में भटकते मिले। यहां पर 382 गोवंश संरक्षित हैं। इसमें पांच बीमार मिले लेकिन उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं मिला।
हरा चारा नहीं सूखा भूसा खाने को मजबूर
सरसौल ब्लाक की रामपुर और सुनहैला गोशाला के काफी हद तक व्यवस्थाएं सही मिलीं। हरा चारा तो नहीं था लेकिन नाद में सूखा भूसा पड़ा था। यहां पर करीब 243 गोवंश संरक्षित हैं। एक बीमार पड़ा मिला जिसका इलाज चल रहा था। पर्याप्त मात्रा में पेड़ होने के कारण गोवंश छाव में बैठे मिले। पानी की नाद खुली में थी लेकिन पानी चलता मिला जिसकारण पानी गर्म नहीं था।
टिनशेड की व्यवस्था नहीं, धूप में खड़े मिले गोवंश
बिधनू की कठारा गोशाला में 270 गोवंश संरक्षित हैं। गोवंशों के सापेक्ष टीन शेड की व्यवस्था न हो पाने के कारण गोवंश धूप में खड़े मिले। हरा चारा गायब था सिर्फ सूखा भूसा नाद में पड़ा मिला। गोवंशों के लिए लगाया गया स्प्रिंकलर खराब पड़ा मिला। खुले आसमान के नीचे बना पानी के हौज में गोवंश पानी पीने को मजबूर थे। दो गोवंश बीमार मिले जिनका इलाज चल रहा है।
टिनशेड टूटा, पानी की व्यवस्था ही नहीं
बिल्हौर ब्लाक के उधौ निवादा स्थित गोशाला हाल बेहाल है। चिलचिलाती धूप व लू के बीच गोशाला के अंदर एक महिला सोती मिलीं, जबकि पास ही कुछ बच्चे खेलते नजर आए। गोशाला में करीब 80 छोटे बड़े गोवंश संरक्षित हैं। पशुओं के लिए बना एक टिनशेड पूरी तरह टूटा मिला । गोवंश धूप में खड़े होने को मजबूर हो रहे थे।
बिरहर गोशाला: धूप में तड़पकर तीन गोवंश ने तोड़ा दम
शनिवार दोपहर सूरज सिर पर आग बरसा रहा था। भीतरगांव ब्लाक बिरहर वृहद गोशाला में कदम रखते ही कराहने की आवाजें सुनाई दीं। एक गोवंश जमीन पर चिलचिलाती धूप में गिरा हांफ रहा था, मुंह से सफेद फेना निकाल रहा था। पास ही दूसरा बीमार गोवंश बार-बार उठने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पूरी तरह कमजोर और असहाय होने के कारण उठ नहीं पा रही था और गिर जा रहा था। यहीं नहीं दो गोवंश टीन शेड के नीचे बीमार पड़े थे जिनका इलाज करने वाला और पानी पिलाने वाला कोई नहीं था। जानकारी पर पता चला कि दो दिन में धूप में तीन गोवंशों ने दम तोड़ चुकी हैं। इस गोशाला में 429 गोवंश संरक्षित हैं। वाली इस गोशाला में टिनशेड होने के बावजूद बीमार पशु खुले में पड़े मिले। आठ केयरटेकर तैनात हैं, लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदारी निभाता नजर नहीं आया।
http://
गर्म पानी पीकर गोवंश हो रहे बीमार
चौबेपुर ब्लाक की तात्यागंज स्थित गोशाला में गोवंशों के पानी पीने के लिए खुले आसमान के नीचे हौद में पानी भरा जाता है। दोपहर में इस हौद का पानी छूते ही हाथ झुलसने जैसा अहसास हुआ। यही पानी गोवंश पीने को मजबूर हैं। त्रिलोकपुर ग्राम पंचायत स्थित गोशाला के हालात और बदतर हैं। यहां पर न पेड़, न पर्याप्त टीन शेड दर्जनों गोवंश तेज धूप में खड़े-खड़े हांफ रहे थे। यही नहीं इस भीषण गर्मी में जिम्मेदार अभी भी खाने में भूसा न देकर उन्हें पुआल खिला रहे हैं। जो बीमार हो गया उसे ठीक होना मुश्किल हो गया है। पशु चिकित्सक कहते हैं कि इस मौसम में ठंडा पानी और छाया जरूरी है, लेकिन यहां बुनियादी इंतजाम तक नहीं जिम्मेदारों ने गोवंशों को गर्मी में मरने के लिए छोड़ दिया है।