कटघरे में खड़े रहने और 3500 रुपये जुर्माने की सजा
27 साल से मुकदमा लंबित था, तारीख पर तारीख पड़ रही थी। आखिर आरोपी पति-पत्नी ने कोर्ट में अपना जुर्म स्वीकार करते हुए सजा में रहम बरतने की मांग की। इस पर कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए कोर्ट बैठने तक कटघरे में खड़े रहने और 3500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर सात दिन कैद के आदेश भी दिए गए थे लेकिन जुर्माना अदा करने के बाद कोर्ट ने शाम को उन्हें बरी कर दिया।