बैंक ने क्लेम कर दिया था रद्द
अधिकारियों ने यह आश्वासन दिया था कि अगर भविष्य में लोन लेने वाले की मृत्यु हो जाती है, तो पूरा लोन माफ कर दिया जाएगा। 10 फरवरी 2025 को शिवप्रसाद की बेटी शशि उत्तम की गंभीर छाती दर्द के कारण मृत्यु हो गई। जब उन्होंने इस बारे में बैंक को सूचित किया, तो उन्हें बताया गया कि बीमा होने के कारण बचा हुआ लोन कंपनी चुकाएगी। हालांकि, बाद में उनका क्लेम रद्द कर दिया गया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ है केस
इस मामले में कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है । इनमें एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस के मैनेजर, एमडी, सीईओ, डायरेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं । शिकायतकर्ता ने पुलिस और पुलिस आयुक्त के पास भी शिकायत की थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है ।