बजट आने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी
मंगलवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में इस परियोजना पर मुहर लगा दी गई है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 76.10 करोड़, राज्य सरकार की ओर से 182.64 करोड़ और निकाय का 45.66 करोड़ रुपये का अंश शामिल होगा। बजट जल निगम को हस्तांतरित होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद लाइनों को बिछाया जाएगा। जल निगम के सहायक अभियंता राहुल तिवारी ने बताया कि पूरब और पश्चिम क्षेत्र के 33 वार्डों में शुद्ध पेयजल लाइनों को बिछाने के लिए परियोजना को कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है। अब बजट आने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
20-20 करोड़ लीटर क्षमता के दो प्लांट से सप्लाई हो रहा छह करोड़ लीटर पानी
जेएनएनयूआरएम के तहत 869 करोड़ रुपये से पेयजल योजना लाई गई थी। इस योजना के तहत 20-20 करोड़ लीटर क्षमता के दो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए गए थे। पाइपों की गुणवत्ता ठीक न होने की वजह से योजना परवान न चढ़ सकी। मुख्य पाइप लाइन में लीकेज के कारण गंगा बैराज स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सभी जगह पानी नहीं पहुंच पा रहा। 20-20 करोड़ लीटर क्षमता के दोनों प्लांटों से अभी भी छह करोड़ लीटर पानी की ही सप्लाई हो पा रही है।
इन मोहल्लों के लोगों को मिलेगा पानी
उस्मानपुर, कृष्णानगर, गांधीग्राम, श्यामनगर सुजातगंज, केडीए कॉलोनी दहेली सुजानपुर, यशोदानगर वेस्ट, पशुपतिनगर, बसंत बिहार, दामोदरनगर नौबस्ता ईस्ट, बर्रा गांव, कर्रही प्रथम, जरौली, पहाड़पुर, छेदी सिंह का पुरवा, बर्रा ईस्ट प्रथम, रतनलालनगर, जरौली नार्थ, रविदासपुरम, जरौली साउथ, सनिगवां सहित अन्य क्षेत्राें में पाइपलाइनें बिछवाई जाएंगी।