कल्याणपुर के कानपुर यूनिवर्सिटी स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में पॉलिसी के नाम पर व्यापारी से 14 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने बैंक के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर, बीमा एजेंट और उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
कल्याणपुर के विसायकपुर निवासी सियाराम यादव के अनुसार उन्होंने वर्ष 2019 में अपनी कृषि भूमि बेची थी। इसकी धनराशि उनके बैंक खाते में जमा की थी। आरोप है कि 12 मई 2021 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की यूनिवर्सिटी शाखा के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर ने उन्हें अपने केबिन में बुलाकर एक बीमा एजेंट से मिलवाया। रिलायंस निप्पोन लाइफ इंश्योरेंस की पॉलिसी कराने की सलाह दी। एजेंट ने पॉलिसी को एकमुश्त बताते हुए केवल एक लाख रुपये जमा कराने की बात कही। कम पढ़ा-लिखा होने के कारण व्यापारी ने बैंक पर भरोसा कर चेक के माध्यम से एक लाख रुपये जमा कर दिए।
बाद में जब पॉलिसी के कागजात डाक से पहुंचे तो पता चला कि पॉलिसी 15 वर्षों की है। इसके बाद वर्ष 2022 और 2023 में लगातार कॉल कर किस्त न भरने पर पैसा डूबने की धमकी दी जाती रही। नवंबर 2024 में नेहा, राम कपूर, राजेश और अजय पाठक, राना और एक अज्ञात ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर संपर्क किया। आरोप है कि इन लोगों ने पॉलिसी का पैसा निकलवाने के नाम पर पहले एक शुल्क जमा कराने को कहा। 21 नवंबर से 11 दिसंबर 2024 के बीचकई बार में करीब 14 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। यह रकम बैंक ऑफ महाराष्ट्र, मुंबई समेत अन्य बैंकों के खातों में मंगाई गई।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने खुद को इनकम टैक्स विभाग से जुड़ा बताया। जेल भेजने की धमकी भी दी। जब पीड़ित ने आरोपियों से आधार कार्ड की प्रतियां मांगीं तो उसी दिन से सभी मोबाइल नंबर बंद हो गए। बाद में जब सियाराम यादव ने सीधे रिलायंस निप्पोन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से संपर्क किया तो पता चला कि कंपनी के रिकॉर्ड में केवल वर्ष 2021 में जमा की गई एक लाख रुपये की ही एंट्री दर्ज है। इसके बाद ठगी का पता चला।
एसीपी कल्याणपुर रंजीत कुमार ने बताया कि तत्कालीन ब्रांच मैनेजर सहित सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बैंक लेनदेन, खातों और कॉल डिटेल की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।