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पीटते-पीटते अमित को जमीन पर गिरा दिया
छोटे भाइयों मनोज और राजेश के अनुसार, अमित मार्केट के बाहर पानी पी रहे थे। ओम चौराहे पर कुछ युवक शराब के नशे में गालीगलौज करते दिखाई दिए। तभी उनमें से एक युवक चौराहे पर ही पेशाब करने लगा। अमित ने युवक को टोका और उसे साथियों के साथ जाने को कहा। इसी बात पर उन युवकों ने अमित को घेर लिया और पीटते-पीटते अमित को जमीन पर गिरा दिया।
मुंह खोलने पर जान से मार डालने की धमकी दी
फिर आरोपी अमित को घसीटते हुए ले गए। ईंट-पत्थरों से अमित के सिर पर कई वार भी किया। इससे अमित लहूलुहान हो कर बेहोश हो गए। आरोपियों को पकड़ने के लिए वहां मौजूद लोग दौड़े तभी आरोपी पथराव कर कार से भाग निकले। आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने लोगों को मुंह खोलने पर जान से मार डालने की धमकी दी। वहीं, पांच सितंबर को अमित को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से डॉक्टरों ने हैलट रेफर कर दिया। फिर सात सितंबर की दोपहर को अमित ने दम तोड़ दिया।
परिजन का दावा- चौराहे पर लगे चारों सीसीटीवी खराब
परिजन का दावा है कि पुलिस प्रशासन की ओर से लगवाए गए चारों सीसीटीवी खराब हैं। दुकानों पर लगे सीसीटीवी में पूरी घटना रिकॉर्ड है। फुटेज में चार युवक मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वे सभी शास्त्री नगर इलाके के हैं। इनमें से एक हिस्ट्रीशीटर है। जिस कार से आरोपी आए थे। वह भी स्वरूप नगर के अतुल अग्रवाल के नाम है।
पांच सितंबर की देर रात अमित को घायलावस्था में परिजन ने अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस को पहले सड़क हादसे के बारे में बताया गया। इलाज के दौरान सात सितंबर को अमित की मौत हो गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखे और लोगों से पूछताछ की। कुछ लोगों से मारपीट की बात भी पता चली। जांच के बाद चार आरोपियों के बारे में पता चला है। गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई गई हैं। -अतुल कुमार श्रीवास्तव, डीसीपी, सेंट्रल
कारोबारी सड़क पर पिटता रहा, पुलिस सोती रही
काकादेव पुलिस की रात की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर इससे बड़ा सवाल और क्या होगा कि पांडुनगर चौकी से महज 300 मीटर दूर बीच सड़क कारोबारी अमित को चार लोग घेरकर घसीट-घसीटकर पीटते रहे और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
चौकी से चंद कदम दूर वारदात
पांच सितंबर की रात करीब 11:30 बजे ओम चौराहे पर हुई वारदात में हिस्ट्रीशीटर समेत चार आरोपियों ने खुलेआम उत्पात मचाया। आरोपी शराब के नशे में थे। कारोबारी के परिचितों ने सूचना दी, तब डायल 112 पहुंची और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। तीन दिन गुजर गए, लेकिन पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी।
चौकी पास, पुलिस कहां थी?
ओम चौराहा कोई सुनसान गली नहीं है। यह काकादेव की कोचिंग मंडी का प्रमुख इलाका है। आसपास हॉस्टल और करीब डेढ़ सौ से भी ज्यादा दुकानें हैं। शाम से देर रात तक काफी चहल-पहल रहती है। इसके बावजूद सड़क पर मारपीट होती रही। सवाल सीधा है कि जब चौकी 300 मीटर दूर है तो पुलिस की बीट आखिर किस इलाके की रखवाली कर रही थी। वहीं, डायल 112 की रात की गश्त और निगरानी पर भी लोगों ने सवाल उठाए।
हंगामा नया नहीं, पुलिस की नींद जरूर नहीं टूटी
इस इलाके में नशेबाजों और अराजकतत्वों के जमावड़े की शिकायतें और हंगामे के वीडियो पहले भी सामने आते रहे हैं। चौराहे पर शराब की बोतलें फोड़ने तक की घटनाएं होती रही हैं। यानी पुलिस के लिए यह इलाका अचानक संवेदनशील नहीं हुआ। फिर भी नशेबाजों का जमघट खत्म नहीं हुआ और अब उसी माहौल में कारोबारी की हत्या कर दी गई।
तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
वारदात के तीन दिन बाद भी चारों आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इनमें हिस्ट्रीशीटर का शामिल होना पुलिस के लिए और गंभीर सवाल खड़ा करता है। जिसे पुलिस पहले से जानती है, उसी पर हाथ डालने में तीन दिन लग रहे हैं तो आम अपराधी के खिलाफ कार्रवाई कितनी तेज होगी।
चौराहे पर अराजकतत्व बेखौफ थे
ओम चौराहे की घटना ने सिर्फ एक कारोबारी की सुरक्षा पर सवाल नहीं खड़ा किया है। यह काकादेव पुलिस की रात की पेट्रोलिंग, बीट सिस्टम, चौकी की सक्रियता और अपराधियों में कानून के डर चारों की परीक्षा है। फिलहाल घटनाक्रम यही बता रहा है कि चौराहे पर अराजकतत्व बेखौफ थे और पुलिस को खबर तक नहीं थी।
संपन्न है कारोबारी का परिवार
कारोबारी के भाई मनोज और राजेश ने बताया कि उनकी मां सुधा के नाम से ओम चौराहे पर सुधा मार्केट हैं, इसमें करीब 10-12 दुकानें हैं। इसके पीछे एक मकान और चंद कदम की दूरी पर पोस्ट ऑफिस के बगल में दूसरा मकान हैं। साथ ही उनका प्रेम हेड से इंजन का व्यापार है। हत्याकांड के विरोध में ओम चौराहे की दुकानें बंद रहीं।
एक माह पहले मां का निधन, अब छोटा बेटा चला गया
अमित के भाई मनोज और राजेश ने बताया कि अगस्त में मां सुधा का निधन हो गया था। दो घटनाओं ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है। वहीं, पोस्टमॉर्टम में कई व्यापारी मौजूद रहे। परिजन शव लेकर घर पहुंचे, जहां चीखपुकार मच गई। पत्नी शव देखते ही बेहोश हो गईं। हंगामे की आशंका को देखते हुए फोर्स तैनात कर दिया गया था।