एसआईटी आरोपी ड्राइवर के खिलाफ ठोस सबूत जुटाने के साथ बस कम्पनी के जिम्मेदार व कर्मचारी भी रडार पर हैं। दरअसल घटना के पीछे उनकी लापरवाही की भी जांच हो रही है। फिलहाल इन सभी से एसआईटी ने पूछताछ भी शुरू कर दी है।
कानपुर जिले में ई-बस से 6 लोगों को कुचलकर मार देने वाले चालक सतेंद्र सिंह यादव को मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद जेल दिया। वहीं एसआईटी आरोपी ड्राइवर के खिलाफ ठोस सबूत जुटाने के साथ बस कम्पनी के जिम्मेदार व कर्मचारी भी रडार पर हैं। दरअसल घटना के पीछे उनकी लापरवाही की भी जांच हो रही है। फिलहाल इन सभी से एसआईटी ने पूछताछ भी शुरू कर दी है।
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रविवार रात घंटाघर पुल उतरते ही टाटमिल चौराहे तक ई-बस ने 15 लोगों को रौंद दिया था। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई थी। अन्य घायलों का इलाज जारी है। पुलिस ने मामले में बस चालक सतेंद्र सिंह यादव पर हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया था। मामले की जांच एसआईटी कर रही है।
एसआईटी प्रभारी एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, घायलों के बयान, कंडक्टर के बयान लिए गए हैं। जल्द फोरेंसिक जांच करवाकर और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जाएंगे। जिससे केस की पैरवी मजबूती के साथ की जा सके। आरोपी से भी पूछताछ हुई है।
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दो कंपनियों के अफसर जांच के दायरे में
ई-बस सेवा को दो बस कंपनियां संचालित कर रही हैं। जिसमें तीर्थांकर बस लिमिटेड व दूसरी कंपनी काउंस कंपनी लिमिटेड है। एसीपी कैंट ने बताया कि विवेचना में पता किया जा रहा है कि इसके पीछे किन किन लोगों की लापरवाही व गलती है। नशेबाज चालक को किसके कहने पर बस थमाई गई। कंपनियों के अफसरों व कर्मचारियों की भूमिका जांची जा रही है।