चाबी से कार का गेट खोलने का प्रयास नहीं किया
अंदेशा था कि कार की चाबी ही मृतक की कमर में लगी थी। कार के अंदर झांक कर देखने से उसमें दोनों के पर्स और मोबाइल भी पड़े मिल गए थे। हालांकि पुलिस ने चाबी से कार का गेट खोलने का प्रयास नहीं किया। न ही पुलिस एप के माध्यम से कार के मालिक का नाम पता और घर की जानकारी जुटा पाई, जबकि एप पर दिख रही कार के मालिक का नाम यश गुप्ता और कानपुर के हरबंश मोहाल कछियाना इलाके के नाम गाड़ी पंजीकृत होने की जानकारी नहीं जुटा पाई।
न एप चला न साहब के कदम
गंगाघाट थाने की पुलिस के दरोगा का कहना था कि एप नहीं चल रहा है वह मौके पर हैं। हालांकि सबसे खास बात यह रही कि न तो चार घंटे तक पुलिस के एप में नेटवर्क आया और न ही पुलिस वालों ने वहां आगे पीछे हटकर किसी और जगह से नेटवर्क लेकर एप चलवाकर देखने की कोशिश की। गंगाघाट के एसएसआई दिलीप प्रजापति ने बताया कि एप नहीं चल रहा है, इसलिए शव की शिनाख्त नहीं करा पा रहे हैं जबकि घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना था कि पुलिस, जीआरपी दोनों एक-दूसरे पर पंचनामे की कार्रवाई टाल रहे थे।