कानपुर में इलाज के दौरान ब्लैक फंगस के रोगी की सोमवार को एक आंख डॉक्टरों को निकालनी पड़ी। 62 साल के इस रोगी को पहले वार्ड तीन में भर्ती किया गया, लेकिन दो दिन बाद इसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई। इससे रोगी को न्यूरो साइंसेज कोविड अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
कोरोना निगेटिव होने के बाद जब रोगी को नॉन कोविड वार्ड में लाया गया तो उसकी आंख में संक्रमण बहुत बढ़ चुका था। मस्तिष्क तक संक्रमण न पहुंचे, इसलिए आंख की सर्जरी कर दी गई। ब्लैक फंगस के जिस रोगी की आंख की सर्जरी हुई है, वह हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव भी है।
इसके अलावा दो और रोगियों की आंखों में अधिक संक्रमण है। इनकी सर्जरी मंगलवार को प्रस्तावित है। आंख के साथ इनकी साइनस की सर्जरी भी की जाएगी। हैलट में ब्लैक फंगस की एक और महिला रोगी को भर्ती किया गया है। फंगल संक्रमण की वजह से महिला की आंख की आर्टरी सूख गई है।
इससे रोशनी चली गई। डॉक्टरों का कहना है कि दवा से आंख निकाले जाने से बच सकती है। इसके अलावा हैलट में ब्लैक फंगस के संदिग्ध आधा दर्जन रोगी आए हैं। इनकी जांच कराने के लिए कहा गया है। वहीं ब्लैक फंगस के तीन रोगी सोमवार को डिस्चार्ज किए गए। इनमें ब्लैक फंगस की वजह से आंख खोने वाला शहर का पहला रोगी भी है।