जांच के बाद आरोपी के खिलाफ दर्ज की जाएगी रिपोर्ट
इसके बाद पार्किंग में वाहन खड़े करने वाले लोगों से अवैध वसूली शुरू कर दी। आरोपी ने अस्पताल के कुछ डॉक्टरों और गार्डों पर 10 हजार रुपये प्रति महीना लेकर अवैध पार्किंग के संचालन की अनुमति देने की बात कही। निदेशक के अनुसार उन्होंने सभी ईएमओ, डॉक्टरों और गार्डों से लिखित बयान लिए तो उन्होंने ऐसे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने या रुपये लेने से इन्कार किया। इसके बाद आरोपी ने इमरजेंसी भवन के बाहर दो आदमी लगाकर पार्किंग वसूलना शुरू कर दिया। जानकारी होने पर निदेशक ने उसे वहां से भी हटा दिया। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।