ये जानकारी करनी होगी सार्वजनिक
किसी भी छात्र को किताबें, जूते, मोजे या यूनिफॉर्म किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन में बार-बार परिवर्तन पर भी रोक लगाई गई है और ऐसे मामलों में शुल्क नियामक समिति की अनुमति आवश्यक होगी। फीस वृद्धि केवल निर्धारित फार्मूले के अनुसार अधिकतम पांच प्रतिशत तक ही संभव होगी। इसके अलावा प्रवेश प्रक्रिया से 60 दिन पूर्व विद्यालयों को अपनी मान्यता, शुल्क संरचना, पाठ्यक्रम, अतिरिक्त गतिविधियों और शिक्षक-छात्र अनुपात की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।