नवाबगंज थानाक्षेत्र के विष्णुपुरी कॉलोनी में रविवार शाम एक कॉलेज के सहायक प्रवक्ता की पत्नी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटका मिला। मायके पक्ष ने महिला के जेठ जेठानी पर हत्या करने के बाद शव को फंदे पर लटकाने का आरोप लगाया है। वहीं पति ने भी घटना के पीछे जेठ जेठानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मूलरूप से फिरोजाबाद के थाना जसराना के गांव नगलामनी निवासी अलीगढ़ में आवास विकास से रिटायर्ड चरण सिंह ने बेटी सुषमा कुमारी (37) की शादी साल 2012 में नवाबगंज थानाक्षेत्र के विष्णुपुरी कालोनी निवासी नरेंद्र कुमार से की थी। दोनों से एक बेटा कुशाग्र और बेटी अक्षिता है। पिता चरण का आरोप है कि काफी समय से बेटी सुषमा को उसके जेठ जेठानी प्रताड़ित कर रहे थे। घरेलू काम को लेकर आए दिन गालीगलौज और पीटते थे। आरोप है कि सोमवार की दोपहर बेटी ने रोते हुए उन्हें फोन करके बताया कि उन्हें फिर जेठ जेठानी ने पीटा है। इस पर वह अन्य परिवार के लोगों के साथ बेटी के ससुराल आने के लिए निकल लिए।
रोती बिलखती मां ब्रजेश कुमारी और अन्य
- फोटो : अमर उजाला
बताया कि जब तक वह लोग वहां पहुंचते तब देर हो चुकी थी। बेटी सुषमा का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। वहीं पति नरेंद्र का आरोप है कि जेठ, जेठानी उनकी पत्नी सुषमा को छोटी छोटी बातों पर ताने देकर प्रताड़ित करते थे। सोमवार को वह कॉलेज में थे। इस दौरान घर पर जेठ जेठानी ने पत्नी के साथ विवाद किया। इसके बाद उसका शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। घटना के बाद से दोनों फरार हैं। नरेंद्र का आरोप है कि करीब 13 साल पहले एक और बहू स्मिता का शव फंदे पर लटका मिला था। नवाबगंज इंस्पेक्टर केशव तिवारी ने बताया कि पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर जांच पड़ताल की है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने से विसरा सुरक्षित किया गया है। परिजनों की तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम हाउस में हंगामा कर रहे सुषमा के परिजनों को समझती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
हंगामे के बाद दो घंटे बाद उठ सका शव
मायके पक्ष में हत्या का आरोप लगाकर पोस्टमॉर्टम हाउस में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने पुलिस से आरोपी जेठ जेठानी की गिरफ्तारी की मांग की। करीब दो बजे पोस्टमार्टम हो जाने के बाद मायके और ससुराल पक्ष शव ले जाने को लेकर आपस में भिड़ गए। बवाल की आशंका को देखते हुए पोस्टमार्टम हाउस में भारी पुलिस बल पहुंच गया। दोनों के बीच पंचायत चलने के बाद करीब चार बजे पति शव लेकर भैरव घाट के लिए रवाना हो गए। वहीं घटना से आक्रोशित परिजन अंतिम संस्कार में बिना शामिल हुए सीधे फिरोजाबाद के लिए रवाना हो गए।