अग्निवीर जवान को बच्चों के खेलने वाले नकली नोट दिखाकर टप्पेबाज ने 55 हजार रुपये ठग लिए। पीड़ित ने जीआरपी में शिकायत की तो आरपीएफ की मदद से आरोपी टप्पेबाज को गिरफ्तार कर लिया गया। केस दर्जकर उसे जेल भेजा गया है।
कानपुर सेंट्रल स्टेशन के जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओमनारायण सिंह ने बताया कि मंगलवार को अमित नाम के युवक ने थाने आकर शिकायत की कि उससे ठगी हुई है। वह अग्निवीर जवान है और प्रयागराज जाने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर ट्रेन का इंतजार कर रहा था। तभी एक युवक आया और उससे बातचीत करने हुए झांसे में ले लिया। बातों ही बातों में उसने कहा कि सौ-पचास के नोट लेकर ऑनलाइन रुपये दे दो, दिल्ली तक जाना है, इसलिए कैश नहीं ले जाना चाहते। उसने अमित को सौ-पचास की गड्डियां भी दिखाई और बदले में पांच हजार रुपये अतिरक्ति देने का झांसा दिया। इस पर अमित झांसे में आ गया और अपना मोबाइल, एटीएम उसे दे दिया।
मोबाइल से पिन नंबर लेकर युवक ने उसके खाते से 55 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए और अमित को एक बैग में भरकर रुपये दे दिए। अमित रुपये गिनने लगा तभी मौका पाकर आरोपी भाग गया। साथ ही वह अमित का मोबाइल भी ले गया। उसके भागने पर अमित को शक हुआ तो उसने गौर से देखा। बैग में रखी गड्डियों में बच्चों के खेलने वाले पांच-पांच सौ के नोट थे। इस जानकारी पर टीम को सक्रिय किया गया। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक एसएन पाटीदार के सहयोग से सीसीटीवी फुटेज देखे गए तो आरोपी का हुलिया मिल गया। इसी आधार पर बुधवार को चेकिंग के दौरान करीब ढाई बजे कानपुर सेंट्रल स्टेशन से टाटमिल की ओर जाने वाले रास्ते पर आरोपी युवक को दबोचा गया। उसे पोस्ट लाकर पूछताछ की गई तो उसने ठगी की बात स्वीकार कर ली। उसके कब्जे से 63800 रुपये नकद व अग्निवीर जवान का मोबाइल भी बरामद हुआ। पकड़ा गया आरोपी जेके कॉलोनी, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली निवासी 18 साल का साहिल है। जानकारी करने पर पता चला कि पूर्व में उस पर लखनऊ के चारबाग जीआरपी थाने में भी एक ठगी का मामला दर्ज है। इसके गिरोह में कई और भी सदस्य हैं जिनकी जानकारी की जा रही है।