कानपुर में ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के भुगतान में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद जिले की पांच ग्राम पंचायतों में 38.537 लाख रुपये का भुगतान गेट वे पोर्टल से न करके बाहरी कंप्यूटर से कर दिया। निदेशालय स्तर से जब पोर्टल की मॉनीटरिंग हुई तो खामियां पकड़ी गईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायती राज निदेशक ने सभी डीपीआरओ से जवाब-तलब करते हुए दोषी ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस तरह के भुगतान में मंडल की 19 ग्राम पंचायतों की चोरी भी पकड़ी गई है।
पंचायती राज विभाग ने फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए वर्ष 2022 से 15वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग की धनराशि से होने वाले कार्यों का भुगतान गेट-वे पोर्टल से करने के निर्देश दिए थे। कानपुर में 590 ग्राम पंचायतें हैं जिसमें 585 ग्राम पंचायतों में गेट वे पोर्टल से भुगतान हो रहा है। वहीं, पांच ग्राम पंचायतों (घाटमपुर ब्लॉक की बेंदा, हथेरूआ, सरसौल ब्लॉक की बारा गांव, तिवारीपुर सलेमपुर, खुजाओली) में नियमों का पालन नहीं किया गया। अगस्त माह से लेकर दिसंबर माह तक इन ग्राम पंचायतों में 38.53 लाख रुपये का गेट पोर्टल से भुगतान ही नहीं किया गया।