ढाई करोड़ रुपये रंगदारी मामले में वादी होटल कारोबारी सुरेश पाल के बाद एक और गवाह कोर्ट में बयान से मुकर गया। सुरेश के होटल के मैनेजर ने भी अखिलेश और लवी पर लगाए गए आरोपों को सिरे से नकार दिया। अभियोजन नौ अक्टूबर को चौथा गवाह कोर्ट में पेश करेगा।
होटल कारोबारी सुरेश पाल ने सात अगस्त 2025 को किदवई नगर थाने में अधिवक्ता अखिलेश दुबे व आयुष उर्फ लवी मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई जिला जज अनमोल पाल की अदालत में चल रही है। मुकदमे में वादी सुरेश पाल और एफआईआर लेखक की गवाही कोर्ट में हो चुकी है। दोनों ने एक दूसरे के विपरीत बयान दिए थे। जहां सुरेश पाल ने अपने बयान में कहा था कि उसने पुलिस के दबाव में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस के अफसर ने ही तहरीर लिख कर दी थी उसने केवल उस पर हस्ताक्षर बनाए थे वहीं एफआईआर लेखक ने बयान में कहा था कि सुरेश पाल खुद लिखित और हस्ताक्षरयुक्त तहरीर लेकर थाने आए थे।
दोनों की गवाही के बाद सोमवार को अभियोजन ने तीसरे गवाह के रूप में सुरेश पाल के होटल के मैनेजर राहुल कुमार यादव को कोर्ट में पेश किया लेकिन वह भी बयान से मुकर गया। उसने कहा कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उनके साथी आयुष मिश्रा उर्फ लवी को उसके सामने कोई रंगदारी नहीं दी गई थी। पुलिस ने उसे किदवई नगर थाने बुलाकर कुछ कागजों पर हस्ताक्षर कराए थे। उसने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया था। कार्यवाहक डीजीसी ने राहुल को पक्षद्रोही घोषित करते हुए उससे जिरह की। अब नौ अक्टूबर को अगला गवाह कोर्ट में पेश होगा।