उसे उर्सला में भर्ती किया गया था, शनिवार को मौत हो गई। वहीं भटिंडा पंजाब से लौटे हरदेवनगर बर्रा के रहने वाले मां-बेटे डायरिया की चपेट में हैं। रोगियों को सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। मां अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई है और बेटे का इलाज चल रहा है। वहीं हरदेव नगर में और भी डायरिया रोगी मिले। उनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में सर्वे शुरू कर दिया है। लोहारन भट्ठा और जूही में डायरिया रोगी नहीं मिले लेकिन धनुकाना और ग्वालटोली में संक्रमण अभी बना हुआ है। क्षेत्रों में क्लोरीन की एक हजार गोलियां बांटी गई हैं। इसके साथ ही लोगों को डायरिया, गैस्ट्रोइंटाइटिस और दूसरे संक्रामक रोगों से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं।