वर्ष 2022 में भी पुलिस से शिकायत की गई थी
इसके बाद निर्माण लागत के नाम पर चार लाख रुपये नकद और 50 हजार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भी वसूले गए। पीड़ित का आरोप है कि तय समय बीतने के बावजूद न तो रजिस्ट्री कराई गई और न ही कब्जा दिया गया। नेगी लगातार टालमटोल करता रहा। पीड़ित ने बताया कि वर्ष 2022 में भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कुछ संपत्तियां कुर्क भी जा चुकी हैं
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर करीब तीन साल बाद अब रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी गजेंद्र सिंह नेगी पहले से ही अन्य मामलों में महाराजगंज जेल में बंद है। उस रावतपुर थाने ने एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी कुछ संपत्तियां कुर्क भी जा चुकी हैं। रावतपुर थाना मनोज मिश्रा ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।