प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टार्ट अप इंडिया की तरह की शहर के उद्यमियों ने भी युवाओं को बिजनेस प्लान बनाने और सफलता दिलाने के लिए बड़े निवेश का फैसला किया है। इसके लिए उन्होंने ‘कानपुर एंजल नेटवर्क’ का गठन किया है और इसी साल पांच करोड़ रुपये निवेश का फंड बनाया है।
कानपुर एंजल नेटवर्क ने सबसे पहले शहर के युवा उद्यमी और आईआईटी मुंबई से बीटेक, एमटेक करने वाले अमितेश मिश्रा को 40 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है। इस पर किसी तरह का ब्याज नहीं लगेगा। इसके अलावा और भी युवा उद्यमी लाइन में हैं, जिनके बिजनेस प्लान की स्क्रीनिंग की जा रही है।
आईआईटी से पढ़कर निकलने और उद्यमिता को अपनाकर रोजगार विकसित करने वाले युवाओं को शहर के उद्यमियों ने सहारा देने का फैसला किया है। उन्होंने मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और हैदराबाद की तरह ही दिसंबर 2015 में कानपुर एंजल नेटवर्क बनाया। अब इसकी वेबसाइट बनाई जा रही है।
जल्द ही इसकी औपचारिक लांचिंग होगी। इस पर बिजनेस प्लान और प्रोडक्ट की जानकारी दी जाएगी, जिसकी स्क्रीनिंग कानपुर एंजल नेटवर्क करेगा। जो प्लान अच्छा होगा, उसमें निवेश को हरी झंडी मिलेगी। इस नेटवर्क ने सबसे पहले हिंदी की वेबसाइट, ब्लाग ‘शब्द नगरी’ में निवेश करने का एलान किया है। यह कंपनी शारदा नगर निवासी और आईआईटी से पढ़ने वाले अमितेश मिश्रा ने बनाई है।
अमितेश का कहना है कि आईआईटी मुंबई से पढ़ने और आईआईटी कानपुर के इनक्यूबेशन (रिसर्च) सेंटर से कंपनी बनाने के बाद आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही थी। अब शहर के उद्यमी आगे आए हैं। इन्होंने 40 लाख रुपये निवेश का बड़ा तोहफा दिया है। इससे कंपनी का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
कानपुर एंजल नेटवर्क की स्थापना से उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। स्टूडेंट नौकरी के पीछे नहीं भागेंगे। बढ़िया बिजनेस प्लान बनाकर कानपुर एंजल नेटवर्क से निवेश की गुजारिश करेंगे। अच्छा प्लान होगा तो निवेश मिल जाएगा। स्टूडेंट नौकरी करने के बजाय नौकरी देने वाले बनेंगे। इससे बेरोजगारी दूर होगी।
इसलिए दिया नाम
एंजल का मतलब भगवान के दूत से है, जो दूसरों की सहायता करते हैं। जब युवा बिजनेस प्लान करते हैं, तब उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती। ऐसे में आर्थिक सहायता देकर उद्यमी भगवान के दूत बनेंगे। इसीलिए कानपुर के साथ एंजल जोड़ा गया। वेबसाइट की मदद से इसका नेटवर्क बनाया जाएगा।
पांच लाख से शुरू, अब चार करोड़ की शब्द नगरी
शब्द नगरी की शुरुआत पांच लाख रुपये से हुई थी। अब इसकी मार्केट वैल्यू चार करोड़ रुपये की है। 15 लोग जॉब कर रहे हैं। 20 हजार से ज्यादा यूजर हो चुके हैं। यह पूरी तरह हिंदी को समर्पित वेबसाइट, ब्लाग है। इसका इस्तेमाल सोशल मीडिया के लिए भी किया जा सकता है।
ऑनलाइन चैटिंग की विशेष सुविधा है। मार्केटिंग देखने वाले कल्पनेश गुप्ता का कहना है कि लांचिंग के बाद से ही वेबसाइट ने धूम मचा रखी है। अब निवेश बढ़ा है और अच्छा नतीजा सामने आएगा।