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कानपुर: अमर उजाला पुलिस की पाठशाला, डिजिटल अरेस्ट की धमकी से डरें नहीं, एसपी बाेलीं- तुरंत 1930 पर करें शिकायत

Tue, 29 Sep 2026 03:32 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: चुन्नीगंज स्थित जीआईसी इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें ट्रेनी आईपीएस व एसीपी कर्नलगंज अंजना दईया ने छात्रों को डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के खतरों के प्रति जागरूक किया।
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चुन्नीगंज स्थित जीआईसी इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन पुलिस की पाठशाला - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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साइबर ठग पहले डराते हैं, फिर डिजिटल अरेस्ट या कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर रुपये ऐंठते हैं। ऐसे किसी भी फोन या वीडियो कॉल से घबराने के बजाय तुरंत परिजनों को बताएं और पुलिस की मदद लें। पुलिस, बैंक या कोई सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर डराकर पैसे जमा कराने का दबाव नहीं डालती। ट्रेनिंग आईपीएस एसीपी कर्नलगंज अंजना दईया ने मंगलवार को चुन्नीगंज स्थित जीआईसी इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्रों को साइबर अपराध से बचाव का यह तरीका बताया।

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उन्होंने कहा कि अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल को स्वीकार करने से बचें। सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति के बुलाने पर उससे मिलने न जाएं और इसकी जानकारी तुरंत माता-पिता या किसी भरोसेमंद बड़े को दें। नया मोबाइल एप डाउनलोड करते समय भी सावधानी बरतें। बिना जरूरत कैमरा, माइक्रोफोन, संपर्क सूची और दूसरी निजी जानकारियों की अनुमति देने से बचें।

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अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें

एसीपी ने कहा कि सोशल मीडिया अकाउंट को निजी रखें और अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। ज्यादा लाइक, शेयर और कमेंट के चक्कर में निजी तस्वीरें या जानकारी सार्वजनिक न करें। साइबर अपराधी इसी तरह की लापरवाही का फायदा उठाकर लोगों को ब्लैकमेल और ठगी का शिकार बना सकते हैं।

पढ़ाई को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाएं
उन्होंने छात्रों को पढ़ाई और मोबाइल के बीच संतुलन रखने की भी सलाह दी। कहा कि बचपन को मोबाइल में गंवाने के बजाय किताबों और खेलकूद में समय दें। परीक्षा के तनाव से बचने के लिए समय प्रबंधन अपनाएं और पढ़ाई को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
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हेल्पलाइन नंबरों की भी दी जानकारी
छात्राओं को छेड़खानी, अभद्र टिप्पणी, पीछा करने और गलत तरीके से छूने जैसी घटनाओं के प्रति भी जागरूक किया। कहा कि ऐसी घटनाओं पर चुप न रहें और परिवार के लोगों को बताकर जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लें। साइबर ठगी होने पर 1930 पर तत्काल सूचना दें। पुलिस सहायता के लिए 112, महिला सुरक्षा के लिए 1090 और बच्चों की सहायता के लिए 1098 पर संपर्क किया जा सकता है। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य संजय यादव समेत शिक्षक और विद्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।
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