कानपुर में गुजैनी थाना क्षेत्र के एफ ब्लॉक में नए साल के मौके पर एक साड़ी व्यापारी की कार क्षतिग्रस्त हो गई। इससे इलाके में दहशत में फैल गई। पीड़ित व्यापारी ने दबंगों द्वारा बम चलाने का आरोप लगाते हुए डीसीपी ऑफिस में न्याय की गुहार लगाई थी। हालांकि, पुलिस की जांच में यह मामला रंजिश या गुंडागर्दी के बजाय नए साल के जश्न में छोड़े गए पटाखों का निकला। जानकारी के अनुसार, शाम करीब पांच बजे व्यापारी अभिनव त्रिपाठी के घर के बाहर खड़ी कार पर कुछ टकराने से शीशा टूट गया। धमाके जैसी आवाज और कार के शीशे टूटने से स्थानीय लोगों को लगा कि दबंगों ने बमबाजी की है।
यह पूरी घटना पास के एक सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर पुलिस ने मोहल्ले के ही दो युवकों और एक बालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी और पीड़ित एक ही मोहल्ले के निवासी हैं और उनके बीच पहले से कोई विवाद नहीं था। पूछताछ में पता चला कि युवक नए साल की खुशी में जमीन पर पटककर फोड़े जाने वाले देमार पटाखे चला रहे थे। पटाखा दीवार से टकराने के बाद कार के शीशे पर जा लगा, जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इसमें बमबाजी या संगठित गुंडागर्दी का कोई प्रमाण नहीं मिला है।