पिछले एक माह से जेल में बंद अखिलेश दुबे को बड़ी राहत मिली है। कोतवाली में अधिवक्ता संदीप शुक्ला की ओर से दर्ज कराए गए रंगदारी के मुकदमे में विवेचक द्वारा बढ़ाई गई धाराओं में भी अखिलेश को अपर जिला जज प्रथम सुदामा प्रसाद की अदालत से जमानत मिल गई है। ऐसे में उसके जल्द जेल से बाहर आने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं हैं।
कोतवाली में अधिवक्ता संदीप शुक्ला ने अखिलेश दुबे व पप्पू स्मार्ट समेत 10 नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उन्होंने राजा ययाति के किले और लोक निर्माण विभाग की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले हिस्ट्रीशीटर पप्पू स्मार्ट के गिरोह के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि रंजिश मानकर गिरोह के लोगों ने अखिलेश दुबे के साथ मिलकर उन्हें पॉक्सो एक्ट के दो झूठे मुकदमों में फंसा दिया। इन्हें खत्म कराने के नाम पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने एक लाख रुपये दिए। इसके बाद भी यह लोग नहीं रुके। इस मामले में पुलिस ने रंगदारी वसूलने, गाली-गलौज और धमकाने के आरोप में धारा 388, 504 व 506 में रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मुकदमे में अखिलेश को दो सितंबर को सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई थी। विवेचक ने इस मुकदमे में किसी को चोट पहुंचाने के इरादे से झूठा आरोप लगाने और झूठे साक्ष्य गढ़ने से संबंधित दो अन्य धाराएं 195 व 211 की बढ़ोतरी की थी। अखिलेश की ओर से दोबारा जमानत अर्जी दाखिल की गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अखिलेश की बढ़ी हुई धाराओं में भी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।