कानपुर शहर में पुलिस कमिश्नरी लागू हुए तीन महीने शुक्रवार को पूरे हो गए। कमिश्नरी की पुलिसिंग में एक तरफ जहां अपराधियों पर शिकंजा कसा। कोरोना काल में कालाबाजारी करने वालों को जेल भेजने के साथ एक पर एनएसए लगाया तो दूसरी तरफ पुलिस की दरियादिली भी देखने को मिली।
जिसमें ऑक्सीजन बैंक से लेकर ब्लड डोनेशन अभियान पुलिस ने चलाया। जो आज भी जारी है। प्रदेश सरकार ने 25 मार्च को कानपुर में पुलिस कमिश्नरी लागू की थी। आईपीएस असीम अरुण ने पहले पुलिस कमिश्नर के तौर पर चार्ज लिया। आपराधिक घटनाओं में काफी कमी आई।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि तीन महीने के भीतर दो बेहद अहम योजनाओं की शुरुआत की गई है। जिसमें एक घरेलू हिंसा को रोकने के लिए प्रबल प्रतिक्रिया तो दूसरी साइबर अपराध पर लगाम लगाने को व्हाट्सएप नंबर जारी किया। इसके साथ ट्रैफिक का महाअभियान भी शुरू किया।
हालांकि कोरोना कर्फ्यू की वजह से महाअभियान की रफ्तार थोड़ी कम है। जल्द इस पर तेजी से काम शुरू होगा। वहीं हाईवे को कैमरों से लैस किया गया है। ई-चालान किए जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अब जल्द ही जिला प्रशिक्षण इकाई का गठन किया जाएगा। पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।