छेड़खानी की घटना के बाद पलायन को मजबूर हुए लोग
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कानपुर के कर्नलगंज में छेड़खानी के विरोध पर हुए बवाल के बाद पलायन को मजबूर हुए परिवारों ने निर्णय बदल दिया है। दीवारों पर जो पलायन संबंधी बातें लिखी थीं उनको भी मिटा दिया है। इधर पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने लोगों में दहशत पैदा की। अब तक एक भी आरोपी को चिह्नित नहीं कर सकी है।
कर्नलगंज में 19 जून को किशोरी से छेड़खानी करने वालों ने उसके घर पर धावा बोलकर परिजनों पर हमला कर दिया था। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को जेल भेजा था। इस दौरान बुधवार सुबह संदीप चौरसिया व एक यादव परिवार ने घर के बाहर दीवारों पर लिखा कि वो यहां पर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, इसलिए पलायन कर रहे हैं। मकान बिकाऊ है।
जानकारी मिलते ही पुलिस पहुंची थी और सभी से बातचीत की थी। जिसमें पता चला था कि कुछ लोग लगातार हिंदू परिवारों को डरा धमका रहे हैं। इसलिए वो यहां से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया था। जिसके बाद अब इन सभी ने दीवारों पर लिखे गए कथनों को मिटा दिया है। एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। अराजकता फैलाने वालों को चिह्नित करने का प्रयास जारी है। जल्द इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।