कानपुर में कचहरी के शताब्दी द्वार पर इकट्ठा हुए सैकड़ों वकीलों ने फूलबाग गांधी प्रतिमा तक मौन जुलूस निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया। जिला जज के स्थानांतरण की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन 20 दिन से अनवरत जारी है। आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। अधिवक्ताओं ने शुरुआती दौर में सिर्फ जिला जज की अदालत का बहिष्कार करने का फैसला लिया था लेकिन सुनवाई न होने पर आंदोलन को धार देने के लिए आम सभा के निर्णय पर बार व लायर्स एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से संपूर्ण न्यायिक व प्रशासनिक कामकाज ठप करने का फैसला लिया है।
पिछले 10 दिन से सभी अदालतों के साथ-साथ रजिस्ट्री ऑफिस, तहसील व डीएम कार्यालय में स्थित अदालतों का कामकाज ठप पड़ा है। कचहरी में टाइपिस्ट व स्टांप वेंडर के काम करने पर भी रोक लगा दी गई है। बुधवार को शक्ति प्रदर्शन के लिहाज से वकीलों ने कचहरी स्थित शताब्दी द्वार से फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा तक मौन जुलूस निकाला। गांधी प्रतिमा पर धरना देकर जिला जज के वकीलों के प्रति अपमानजनक व्यवहार के कारण उनके स्थानांतरण तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कही। इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी, उपाध्यक्ष अनूप शुक्ला, महामंत्री अनुराग श्रीवास्तव, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पं.रविंद्र शर्मा, महामंत्री शरद कुमार शुक्ला, हेमंत तिवारी, अजय प्रताप सिंह चौहान, हरिकृष्ण शुक्ला, पवन अवस्थी, संजीव कनौजिया, मो. तौहीद, सौरभ भदौरिया, संजीव कपूर, अनूप कुमार द्विवेदी आदि सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।