पिछले साल गेल ने बकाया राशि के चलते केएफसीएल की गैस की सप्लाई बंद कर दी थी। एक अप्रैल 2025 से पर्याप्त सब्सिडी के एनर्जी मानक के आदेश की अनुपस्थिति में प्लांट में उत्पादन बंद कर दिया गया था।
13 महीने से प्लांट में उत्पादन बंद
कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। तमाम कर्मचारियों का जेपी एसोसिएट की अन्य कंपनियों में तबादला भी किया गया था। अब प्लांट में 100 के करीब ही स्थायी, अस्थायी कर्मचारी बचे हैं, जिनके वेतन भुगतान का विवाद भी श्रम न्यायालय में विचाराधीन है। 13 महीने से प्लांट में उत्पादन बंद है।