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Kanpur: किशोर ने वॉटर लेवल पाइप से फंदा लगाकर दी जान, खेल-खेल में हुई घटना…शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

Sun, 13 Jul 2025 04:19 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: खेल-खेल में अंकित ने फंदा लगा लिया। कुछ ही देर में पाइप के खींचने से गला कसता चला गया और शव जीने को छूने लगा। इस दौरान साथ खेल रहे बच्चे छत से भाग खड़े हुए।
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मृतक किशोर की फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना हुई। किरायेदार के बच्चों के साथ खेल रहे 13 वर्षीय किशोर ने खेल-खेल में वॉटर लेवल पाइप से फंदा लगा कर जान दे दी। बच्चों ने मृतक के बड़े भाई को घटना की जानकारी दी, तो चीखपुकार मच गई। परिजन लोगों की मदद से शव को उतारकर पास के नर्सिंग होम ले गए, जहां डॉक्टरों ने किशोर को मृत घोषित कर दिया।

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कश्यप नगर निवासी ओमप्रकाश शर्मा के बेटे अंकित (13) ने शनिवार दोपहर 3.30 बजे छत के जीने के दरवाजे की चौखट से वॉटर लेवल पाइप के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। पिता ओमप्रकाश ने बताया कि काम के सिलसिले से वह सुबह काम पर मसवानपुर चले गए थे। बड़ा बेटा टिंकू निजी काम से घर से बाहर गया था। दोपहर में घर का सारा काम निपटाने के बाद पत्नी सपना कमरे में सोने चली गई थी।

पाइप के खींचने से कस गया था गला
इस दौरान अंकित किरायेदार के बच्चों के साथ घर की छत पर खेल रहा था। खेल-खेल में अंकित ने फंदा लगा लिया। कुछ ही देर में पाइप के खींचने से गला कसता चला गया और शव जीने को छूने लगा। इस दौरान साथ खेल रहे बच्चे छत से भाग खड़े हुए। कुछ देर बाद टिंकू घर पहुंचा, तो साथ खेल रहे बच्चों ने अंकित के छत पर घटना कर लेने की बात कही। वह भागता हुआ छत के जीने पर पहुंचा, तो उसकी चीख निकल पड़ी।

जानकारी देते मृतक के परिजन - फोटो : amar ujala
खेल-खेल में उठाया कदम
दिल को झकझोर देने वाली घटना से मां अचेत हो गई। सांस चलने की आस में परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची कल्याणपुर पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ जांच की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कल्याणपुर थाना प्रभारी सुधीर कुमार के अनुसार किशोर ने आत्महत्या में परिजन कोई कारण नहीं बता सके हैं। फिर भी यह लग रहा है, कि बच्चों के साथ खेल-खेल में किशोर ने यह कदम उठाया।
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घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब
पिता के अनुसार वह मजदूरी करके परिवार का पेट पाल रहे हैं। वह लोग पहले बारासिरोही में रहते थे, लेकिन किराया ज्यादा होने के कारण वह लोग डेढ़ महीने पहले ही इस घर में शिफ्ट हुए थे। अंकित ने शुरूआत से पढ़ाई नहीं की। वह बड़ा भाई टिंकू एक जगह प्राइवेट काम करता है, वहीं सबसे छोटा नारायण अभी तीन वर्ष का है।
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