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Kanpur: अखिलेश दुबे की बेटी और भाई पर 25-25 हजार का इनाम घोषित, दबिश के दौरान नहीं मिले आरोपी…तलाश जारी

Tue, 23 Dec 2025 05:48 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: सिविल लाइंस की वक्फ जमीन कब्जाने के मामले में फरार सर्वेश दुबे और सौम्या की तलाश में पुलिस ने दबिश दी। फर्जीवाड़े के इस केस में मुख्य आरोपी अखिलेश दुबे पहले से जेल में है।
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अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में सिविल लाइंस स्थित आगमन गेस्ट हाउस की जमीन कब्जाने के आरोप में जेल में बंद अखिलेश दुबे के भाई सर्वेश और बेटी साैम्या की तलाश में पुलिस ने उसके घर में दबिश दी। हालांकि पुलिस कर्मियों को मौके पर वह नहीं मिले। इसके बाद टीम पूछताछ कर लौट गई। 13 अगस्त को संपत्ति के मुतव्वली मोईनुद्दीन आसिफ जाह शेख ने अखिलेश दुबे, उसके भाई सर्वेश और बेटी सौम्या समेत जयप्रकाश, शिवांश, राजकुमार शुक्ला और दरोगा सभाजीत पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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मोईनुद्दीन का आरोप था कि सिविल लाइंस स्थित 13/387, 13/388, व 13/390 फखरुद्दीन हैदर वक्फ नंबर 70 की संपत्ति है।  यह एसएम बशीर के पिता हाफिज हलीम साहब को सन 1911 में 99 वर्ष यानी 2010 तक के लिए पट्टे पर दी गई थी। इसके बाद संपत्ति वक्फ ही हो गई। यह भूमि किसी को स्थानांतरित नहीं हो सकती थी। इसे लेकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एसीजे) प्रथम के यहां मुकदमा भी चला था।  साथ ही, विजिलेंस विभाग की जांच के बाद रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।

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धन-बल व गुंडई के दम पर कर लिया था कब्जा
इसमें 2016 में चार्जशीट भी लग गई थी। वक्फ बोर्ड में बेदखली की कार्रवाई चल रही थी लेकिन अखिलेश दुबे, उसके भाई सर्वेश दुबे, बेटी सौम्या व एच 2 ब्लॉक किदवईनगर निवासी राज कुमार शुक्ला, गोविंदनगर निवासी जय प्रकाश दुबे, कन्नौज के मकरंदनगर के कूतलूपुर निवासी श्रीवास सिंह उर्फ पप्पू व साथियों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर धन-बल व गुंडई के दम पर वक्फ संपत्ति पर कब्जा कर लिया था। ग्वालटोली इंस्पेक्टर संतोष गौड़ ने बताया कि दबिश दी गई थी। हालांकि कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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