सचेंडी में झोपड़ी में आग लगने से नौ महीने की मासूम जिंदा जल गई। घटना से पहले घर के ऊपर बनी झोपड़ी में मां मासूम को सुलाकर नीचे आई थी। परिवार के लोग गेहूं कटाई के लिए जा रहे थे। तभी अचानक आग लगी और जलता छप्पर मासूम के ऊपर गिर गया। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक उसकी मौत हो गई।
सचेंडी के गढ़ा गांव निवासी सद्दाम अपनी पत्नी करिश्मा, दो बेटी जायरा, सुहाना, बेटे दिशांत व जैनम के साथ रहते हैं। वह अपने ससुर के घर की छत पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। सोमवार दोपहर गेहूं की कटाई कर खाना खाने घर आए थे। खाना खाकर जैसे ही नीचे उतरे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। मां बच्ची को झोपड़ी में सुलाकर आई थी। आनन फानन आग बुझाने का प्रयास किया गया। फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई।
फायर ब्रिगेड के आने से पहले ही आग शांत हो गई लेकिन तब तक मासूम ने बुरी तरह जलकर दम तोड़ दिया। लड़की के मामा मुस्तकीम ने बताया कि बहनोई का परिवार घर के ऊपर झोपड़ी बनाकर रहता है। गेहूं कटाई का काम चल रहा था। सभी उसी में लगे थे। अचानक झोपड़ी में आग लग गई। गृहस्थी का पूरा सामान जल गया। नौ महीने की मासूम की भी जलकर मौत हो गई। एक दिन पहले भैंस बेची गई थी, उसके भी लाख रुपये भी जल गए। सचेंडी कार्यवाहक थाना प्रभारी सतेंद्र पाल ने बताया कि नवजात की आग लगने से मौत हुई है। आग कैसे लगी इसका पता लगाया जा रहा है। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है।