मृतक मनीष उर्फ मोंटी की फाइल फोटो
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काकादेव थानाक्षेत्र में गुरुवार की रात लोहारन का भट्ठा इलाके में दुकान पर सामान लेने गए युवक को जेल से छूटे आरोपी ने दो लोगों के साथ मिलकर पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। तीन दिन हैलट में इलाज के दौरान रविवार रात डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इलाके के रहने वाली सिद्धनाथ की पत्नी अरुणा देवी ने बताया कि 16 अक्तूबर की रात 11 बजे सेठ की दुकान के पास उनका बड़ा बेटा मनीष उर्फ मोंटी (32) सामान लेने गया था। तभी मोहल्ले के वंशू, पप्पू काड़ा, वंशू के जीजा ने नशेबाजी में मिलकर बेटे को जान से मारने की नियत से कील लगे डंडे से हमला कर दिया।
उसे सड़क पर गिरा-गिराकर बेरहमी से पीटकर मरणासन्न कर दिया। आरोपी बेटे के बेहोश होने पर मरा समझकर छोड़कर भाग निकले। मोहल्ले में रहने वाली बहन शांति और उनके बेटे रोहित और विशाल की मदद से बेटे को नाजुक हालत में हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान सिर और जबड़े की हड्डियां टूटने के कारण रविवार देर रात उसकी मौत हो गई। मनीष की मौत के बाद छोटे भाई जीतू, बहन काजल व मां बदहवास हो गई। काकादेव इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि इस मामले में 17 अक्तूबर को मिली तहरीर के आधार पर वंशू, पप्पू काड़ा, वंशू के जीजा पर हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले में वंशू और पप्पू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। तीसरे की तलाश की जा रही है। युवक की मौत के बाद अब घटना को हत्या में तरमीम किया जाएगा।
चाकू मारने के मामले में जेल से था छूटा
पिता सिद्धनाथ का आरोप है कि आरोपी वंशू का क्षेत्र में काफी वर्चस्व है। आरोप है कि क्षेत्र के शुभम उर्फ शैंकी को चाकू मारने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। हाल ही में जेल से छूटने के बाद एक बार फिर से साथियों संग मिलकर नशेबाजी में किसी न किसी के साथ घटना कर रहा था। इस मामले में पुलिस का कहना है कि उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।