गोविंदनगर में 60 लाख रुपये के मोबाइल, लैपटॉप व घड़ियों को बिहार और नेपाल के गैंग ने चोरी किया था। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का राजफाश कर दिया है। आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस को सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन पता चली थी, जिसके बाद सभी की धरपकड़ हुई। गुडवर्क के लिए पुलिस कमिश्नर ने टीम को एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी राजीव कृष्णा ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल व पुलिस टीम को बधाई दी है।
गोविंदनगर में सात दिसंबर को मोबाइल दुकान से करीब 60 लाख रुपये के मोबाइल चोरी हो गए थे। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य बरामद किए। ऑपरेशन त्रिनेत्र के अंतर्गत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई, जिसमें सदिंग्ध चार युवक बोरे में कुछ लेकर ऑटो में बैठकर जाते हुए नजर आए। पुलिस टीम ने उनकी लोकेशन को ट्रेस करते हुए पता लगाया। आरोपियों का लखनऊ और वहां से बिहार व नेपाल जाने की आशंका हुई। गोविंदनगर थाना प्रभारी रिकेश सिंह व तीन अन्य टीम 17 दिनों तक बिहार व नेपाल के चक्कर लगाती रही। इस दौरान बिहार पुलिस ने पुलिसकर्मियों को संदिग्ध मानते हुए हिरासत में ले लिया। बाद में एक युवक की तलाश में आने की जानकारी करने की बात बताकर पुलिसकर्मी छूटे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से 113 महंगे मोबाइल मिल गए हैं। आरोपियों की पहचान मोतीहारी के मुबीन, प्रमादे, मुकेश, नेपाल के कृष्णा, बजरिया के शोएब के रूप में हुई। एक आरोपी मोतीहारी के असलम उर्फ हड्डी की तलाश है।