ग्रीनपार्क में हॉकी का मैच खेलते खिलाड़ी
- फोटो : amar ujala
एक-दो से अधिक नहीं कराई जाती प्रतियोगिता
नाम न उजागर करने की शर्त पर कुछ खिलाड़ियों ने कहा कि कि यदि यही रवैया रहा, तो ग्रीनपार्क में हॉकी का अस्तित्व केवल नाम भर रह जाएगा। यहां 2019 में करीब 200 करोड़ रुपये से फाइव-ए-साइड एस्ट्रो टर्फ बनवाया गया था, लेकिन उसके बाद से कोई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता नहीं हुई। साल में जिला या राज्यस्तरीय प्रतियोगिता भी एक-दो से अधिक नहीं कराई जाती। इस संबंध में क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी भानु प्रसाद से कई बार फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं की। कुछ देर बाद उन्होंने फोन को बंद कर लिया।
प्रतियोगिता में खानापूरी नहीं होनी चाहिए। यदि ऐसा हुआ है तो यह गलत है। वहां क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी भी हैं जिन्हें अपने स्तर से जिम्मेदारी लेकर कम से कम एक बेहतर प्रतियोगिता करवानी चाहिए थी। -टीपी सिंह, सचिव, जिला हॉकी संघ