2025 में लेनदेन में कुछ अनियमितताएं मिलीं
उसने स्वयं को यूएस जर्मनी का भारत प्रमुख बताया था। निदेशक के मुताबिक आनंद प्रकाशम ने बताया था कि ईओएस जर्मनी न्यूमेश में प्रत्यक्ष शेयरधारक नहीं बनना चाहती थी। इसलिए ईओएस सिंगापुर के जरिए एडिटिव थ्रीडी पीटीआई लिमिटेड को संयुक्त उद्यम में जोड़ा गया। श्री पार्थो के मुताबिक जनवरी 2025 में उन्हें कंपनी के लेनदेन में कुछ अनियमितताएं मिलीं।
आनंद प्रकाशम चर्चा करने से बचता रहा
जांच में उन्हें पता चला कि आनंद प्रकाशम ने विक्रेता भुगतान के बहाने कंपनी से धन निकाला और भुगतान से संबंधित फर्जी रसीदें जमा कराईं। वास्तविकता में विक्रेताओं को किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया। इस वजह से कंपनी को 85 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। निदेशक के मुताबिक मामले को कई बार आंतरिक रूप से सुलझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आनंद प्रकाशम चर्चा करने से बचता रहा।
अनुबंध पर हस्ताक्षर के लिए नहीं किया था नियुक्त
साथ ही, उसने उनके परिवार ने कंपनी और अन्य पदाधिकारियों को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। अब अप्रैल 2025 से अनुपलब्ध हैं। ऐसे में उनका फरार होना प्रतीत होता है। श्री पार्थो के मुताबिक जांच में सामने आया है कि ईओएस जर्मनी ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि उन्होंने आनंद प्रकाशम को भारत में अपने प्रतिनिधि के रूप में किसी भी अनुबंध पर हस्ताक्षर के लिए नियुक्त नहीं किया था।
न्यूमेश से सेवाएं और मशीनें प्राप्त कर ली थीं
उनके लगाए गए कुछ ग्राहक भुगतान करने में विफल रहे, जबकि उन्होंने न्यूमेश से सेवाएं और मशीनें प्राप्त कर ली थीं। फीलखाना थाना प्रभारी रवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में निदेशक पार्थो कर से फोन पर बात की गई, तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया।