बीमारी और अन्य कारणों से मौत
इनमें 73 गोवंश सहभागिता (लोगों का पालन के लिए लेना) में गए हैं। वहीं 31 आवारा गोवंश आए हैं, जबकि 41 गोवंशों की बीमारी और अन्य कारणों से मौत हुई है। वृहद गोशाला मदुरी में तीन महीनों में सर्वाधिक पांच गोवंश की मौत हुई है। वहीं कोरियां गोशाला में चार पशुओं ने दम तोड़ा है। अन्य गोशालाओं में एक या दो गोवंशों की माैत का आंकड़ा है।
मरने वाले गोवंश में ज्यादातर वृद्धावस्था वाले थे। कुछ की मौत आपस में लड़ जाने से घायल होने से भी हुई है। समय-समय पर वैक्सीनेशन होने से बीमारी से मौतें नहीं हुई हैं। पूरी सतर्कता बरती जाती है। -अरुण कुमार, पशु चिकित्साधिकारी घाटमपुर
हरे चारे व पौष्टिक भोजन के साथ बीमार गोवंश के इलाज के लिए निर्देश दिए जाते हैं। गोवंश आपस में न लड़ने पाएं इसके लिए केयर टेकरों को भी निर्देशित कर बैरिकेडिंग लगाने को भी निर्देशित किया जाएगा। -अबिचल प्रताप सिंह, एसडीएम