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कानपुर: 40% बाबू-अधिकारी का, 20% ठेकेदार का और बचे 40% में विकास कार्य, पुलिस पूछताछ में ठेकेदारों का खुलासा

Thu, 27 Aug 2026 03:58 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार ठेकेदारों रज्जन बाजपेई और संदीप जैन ने खुलासा किया है कि विकास कार्यों के लिए मिलने वाले कुल बजट में से केवल 40% पैसा ही धरातल पर खर्च होता है, जबकि 40% हिस्सा अधिकारियों व बाबुओं की भेंट चढ़ जाता है और 20% कमीशन ठेकेदार रखते हैं।
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1. कानपुर नगर निगम में जांच करती एसआईटी टीम - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में भ्रष्ट ठेकेदारों पर कार्रवाई के बाद अब नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की परतें खुलना शुरू हो गई हैं। भ्रष्ट ठेकेदारों और अफसरों की मिलीभगत से विकास कार्यों में स्वीकृत धनराशि का सिर्फ 40 फीसदी ही खर्च किया गया है। यही कारण है कि शहर की विभिन्न सड़कें जगह-जगह उखड़ी और धंसी हैं।

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अधूरे नाला निर्माण लोगों की जान की मुसीबत बने हुए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को पकड़े गए दोनों ठेकेदारों रज्जन बाजपेई और संदीप जैन ने पूछताछ में यह खुलासा किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ठेकेदारों ने बताया कि शासन से मिलने वाले 100 रुपये में से सिर्फ 40 रुपये ही विकास कार्य में खर्च हो पाते हैं।

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बंटवारा एक से लेकर आठ फीसदी की हिस्सेदारी का होता है
नगर निगम की बिल्डिंग में बैठने वाले लेखाकार से लेकर इंजीनियर और बड़ी-बड़ी कुर्सियों पर बैठने वाले अधिकारियों से पार्षदों के बीच ही 40 फीसदी धन का बंटवारा हो जाता है। यह बंटवारा एक से लेकर आठ फीसदी की हिस्सेदारी का होता है। 40 फीसदी धनराशि बाबुओं और अफसरों को देने के बाद 20 फीसदी कमीशन खुद ठेकेदार लेते हैं।
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जल्द ही एसआईटी को सौंपी जा सकती है सूची
शेष 40 फीसदी ही पैसा आम जनता की सुविधाओं पर खर्च हो पाता है। पुलिस सूत्रों की मानें, तो कमीशन के इस बंटवारे की एक सूची पुलिस के हाथ भी लगी है जिसमें बाबुओं से अधिकारियों के नाम उनके कमीशन प्रतिशत के साथ लिखे हैं। यह सूची जल्द ही एसआईटी को सौंपी जा सकती है। यदि सूची में दर्ज नाम और कमीशन सही निकला, तो कुछ बाबू और अधिकारी भी पुलिस कार्रवाई के जद में आ सकते हैं।
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