इसे मानव उपभोग के लिए असुरक्षित घोषित किया गया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट संख्या-एक ने 14 जुलाई 2026 को नष्ट करने का आदेश दिया था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई। विनष्टीकरण शुल्क अधिक होने पर नगर निगम से संपर्क कर 23 अगस्त को चने को डंपिंग यार्ड पहुंचाया गया। मेसर्स एनवायरमेंटल टेक्नो, आगरा के माध्यम से पूरी सामग्री को नष्ट किया गया।