कल्याणपुर में युवती को पीएचडी कराने के साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर बनाने का झांसा देकर परिचित ने 36.67 लाख रुपये की चपत लगा दी। युवती के परिचित ने खुद की विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) में ऊंची पहुंच बताकर उनका भरोसा जीता। इसके बाद लैपटॉप, ड्रेस, कमरा, बिजली, वाहन कर के नाम पर रुपये लिए। फर्जी प्रमाण पत्र भी मुहैया कराया। कई दिन तक नौकरी न लगने पर युवती ने आरोपी की ओर से दिए गए नंबर पर कॉल की तो वह उसी का निकला। राज्यपाल से शिकायत के बाद पुलिस आयुक्त कार्यालय में गुहार लगाई। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज की गई।
चैतन्य बिहार निवासी स्नेह सोनकर ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2023 में नेट परीक्षा दी थी। परिणाम आने के बाद उनके चाचा के परिचित डूडा कॉलोनी पनकी निवासी विमलेश ने यूजीसी में अपनी पहुंच बताकर उनका प्रवेश पत्र और प्रमाण पत्र ले लिया। कहा कि वह पीएचडी कराने के साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी भी लगवा देगा। झांसे में आकर आरटीजीएस के माध्यम से शुरुआत में कुछ रुपये दिए। फरवरी 2024 में प्रशिक्षण और मार्च में झांसी केंद्रीय विश्वविद्यालय में दाखिले के नाम पर रुपये लिए। लैपटॉप, ड्रेस किट और गाइड आदि के नाम पर 36.67 लाख रुपये से ज्यादा ले लिए।
हालांकि ज्वॉइनिंग न होने पर रुपये मांगे तो विमलेश टालमटोल करने लगा। इसी वर्ष राज्यपाल को शिकायत भेजी। वहां से पुलिस में शिकायत करने की सलाह मिली। आरोप है कि इसकी जानकारी होने पर विमलेश ने दो जुलाई को जान से मारने की धमकी दी। घबराकर पुलिस आयुक्त से शिकायत की। एसीपी कल्याणपुर दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्जकर जांच की जा रही है।