देखी गई थी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज
यह वारदात श्यामनगर पुलिस चौकी के नजदीक हुई। घटना के बाद बाइक चालक ने खुद के साथ किसी भी तरह की वारदात से इन्कार कर दिया था। आठ दिन बाद ही वासिद ने तहरीर दे दी। पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच की, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में बाइक सवारों से लूट हुई थी। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई थी।
लूट की रिपोर्ट न लिखाने पर हुआ शक
इसमें सामने आया कि दोनों युवक घटना से पहले बिरहाना रोड के आईडीबीआई बैंक में गए थ और वहां से रुपये लेकर जाजमऊ की ओर जा रहे थे। लूट की रिपोर्ट न लिखाने पर पुलिस को शक हुआ। दोनों से सवाल किए गए, जिस पर वासिद ने कहा कि वह जाजमऊ निवासी टेनरी संचालक महफूज के घर जा रहे थे। पीड़ित न बैंक से 24 लाख रुपये निकालने की जानकारी दी थी। जांच में सामने आया कि उस दिन महफूज के खाते से 3.20 करोड़ रुपये निकले थे।
मुठभेड़ में आरोपियों को किया गिरफ्तार
इतनी अधिक राशि निकलने की बात सामने आने पर लुटेरों के साथ पीड़ितों और खाता संचालक के खिलाफ शक की सुई घूमी। साइबर सेल, स्वॉट और चकेरी पुलिस ने जांच की, जिसके आधार पर मो. यासीन और मुजाहिद को गुरुवार देर रात मुठभेड़ में गिरफ्तार किया, जबकि कुछ घंटे बाद अब्दुल रहमान, लारेब सिद्धिकी, सुभान खान, मो. जीशान को दबोच लिया गया। अब्दुल रहमान और सुभान खान ने बाइक सवार वासिद व अरशद की रेकी की थी।
दोनों के पैर में गोली लगी थी
इस मामले में पुलिस ने 26 फरवरी की रात 8:55 बजे मूलगंज मिश्री बाजार निवासी अब्दुल रहमान, हीरामन का पुरवा निवासी शुभान खान, चमनगंज निवासी लारेब सिद्दीकी और हीरामन का पुरवा निवासी मो. जीशान को गिरफ्तार किया। इनकी निशांदेही पर हीरामन का पुरवा निवासी यासीन और मुजाहिद की अहिरवां 80 फीट रोड पर घेराबंदी की गई। मुठभेड़ के दौरान गुरुवार देर रात दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस को देखते ही दोनों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी थी।
लूट की घटना के बावजूद पीड़ित तहरीर नहीं दे रहा था। हमे शक हुआ कि इसके पीछे जरूर कुछ बड़ा है। जांच हुई तो 12 बैंकों के 68 एकाउंट से पिछले ढाई साल में 1600 करोड़ रुपये नकद निकाले जाने की जानकारी मिली। मामला आर्थिक अपराध से जुड़ा है इसलिए ईडी, आयकर और जीएसटी को पत्र भेजकर जानकारी दी गई है। बहरहाल जो तथ्य सामने आए हैं उससे मनी लांड्रिंग और हवाला से जुड़ा मामला लग रहा है। -रघुबीर लाल, पुलिस आयुक्त