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Kanpur: डिफेंस उत्पाद सप्लायर के दफ्तर में मिले 2.69 करोड़, कारोबारी से 53 लाख रुपये जमा कराए, मिली ये गड़बड़ी

Fri, 14 Aug 2026 12:28 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: एसजीएसटी कानपुर की विशेष अनुसंधान इकाई ने जेम पोर्टल के माध्यम से उत्पाद सप्लाई करने वाली एक डिफेंस फर्म के उन्नाव स्थित फैक्टरी और सूटरगंज मुख्यालय पर छापा मारा। जांच के दौरान मुख्यालय से 2.69 करोड़ रुपये की नकद राशि बरामद हुई, जिसे जब्त कर लिया गया है, वहीं फैक्टरी में खामियां मिलने पर कारोबारी को 53 लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा करने पड़े।
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एसजीएसटी के छापे में मिले रुपयों की गिनती करते अधिकारी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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एसजीएसटी कानपुर की विशेष अनुसंधान इकाई ने छापा मारकर डिफेंस उत्पाद सप्लायर के सूटरगंज स्थित कंपनी के मुख्यालय से 2.69 करोड़ रुपये बरामद किए। नकदी का स्रोत न मिलने पर विभाग ने आयकर के अफसरों के सहयोग से नकदी जब्त कर ली। जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी भी मिली है। छापा की कार्रवाई बृहस्पतिवार देर शाम खत्म हो गई।

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दरअसल, विभाग के अफसरों को जेम पोर्टल के माध्यम से उत्पाद आपूर्ति करने वाली फर्म में अनियमितताओं की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर उन्नाव स्थित फैक्टरी और सूटरगंज स्थित दो ठिकानों पर एक साथ बुधवार को छापा मारा गया था। अपर आयुक्त सान्या छाबड़ा और अपर आयुक्त कुमार आनंद (विशेष अनुसंधान शाखा) के निर्देश पर विभाग की तीन टीमों ने छापा मारा।

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स्टॉक में अंतर और प्रपत्रों में गड़बड़ी मिली
जांच के दौरान सूटरगंज स्थित कंपनी के मुख्यालय से 2.69 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई। बरामद नकदी के संबंध में कारोबारी से पूछताछ की गई लेकिन कारोबारी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। आयकर विभाग के अफसरों को भी दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इस पर राज्य जीएसटी और आयकर विभाग के अफसरों ने यह नकदी बैंक में जमा करा दी। वहीं, उन्नाव स्थित फैक्टरी में स्टॉक में अंतर और प्रपत्रों में गड़बड़ी पाई गई।
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बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए गए
व्यापारी ने लगभग 53 लाख रुपये की धनराशि राजकोष में जमा करा दी। अपर आयुक्त कुमार आनंद ने बताया कि छापा खत्म कर दिया गया है। इस दौरान बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए गए हैं। दस्तावेजों के आधार पर अन्य फर्मों की भी जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान संयुक्त आयुक्त रणकेंद्र, सुशील कुमार गौतम, आयकर विभाग के सहायक निदेशक प्रतीक कोरडे, उपायुक्त कविता श्रीवास्तव, विनय कुमार गौतम आदि थे।
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